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तहसील सहजनवां में सोमवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में जनसमस्याओं के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। सभी विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त प्रत्येक प्रकरण का निस्तारण अधिकतम 10 दिन के भीतर सुनिश्चित किया जाए। पढिए पूरी खबर
निस्तारण के निर्देश
गोरखपुर: तहसील सहजनवां में सोमवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में जनसमस्याओं के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) सहदेव मिश्र ने सभी विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त प्रत्येक प्रकरण का निस्तारण अधिकतम 10 दिन के भीतर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि मामलों के लंबित रहने से आईजीआरएस पोर्टल पर लगातार कटौती होती है, जिससे तहसील की रैंकिंग प्रभावित होती है और शासन स्तर पर खराब संदेश जाता है।
स्थलीय जांच और ठोस कार्रवाई
एडीएम ने कहा कि सम्पूर्ण समाधान दिवस आम जनता की समस्याओं को सीधे सुनने और मौके पर समाधान देने का महत्वपूर्ण मंच है। इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई, औपचारिकता या टालमटोल स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी न होकर स्थलीय जांच और ठोस कार्रवाई के आधार पर किया जाए, ताकि फरियादियों को वास्तविक राहत मिल सके।
7 मामलों का निस्तारण
सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 47 प्रकरण प्राप्त हुए, जिनमें से 7 मामलों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया। प्राप्त मामलों में सर्वाधिक 24 प्रकरण राजस्व विभाग से संबंधित रहे, जबकि पुलिस विभाग के 10, विकास विभाग के 4, चकबंदी का 1 तथा अन्य श्रेणी के 1 मामला शामिल रहा। शेष प्रकरणों को संबंधित विभागों को समयबद्ध निस्तारण के लिए सौंप दिया गया।
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संवेदनशीलता और शालीनता
राजस्व संबंधी मामलों को गंभीरता से लेते हुए एडीएम ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिया कि विशेष राजस्व टीम गठित कर प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। वहीं पुलिस विभाग से जुड़े मामलों में निष्पक्ष जांच कर शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि समाधान की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि एक ही शिकायत बार-बार दर्ज न हो।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों को फरियादियों से संवेदनशीलता और शालीनता के साथ पेश आने की भी हिदायत दी गई। एडीएम ने कहा कि जनता का विश्वास तभी मजबूत होगा, जब अधिकारी उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनकर समय पर समाधान देंगे।
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इस अवसर पर उपजिलाधिकारी केशरी नंदन तिवारी, तहसीलदार राकेश कन्नौजिया, खंड विकास अधिकारी सत्यकाम तोमर, अधिशासी अधिकारी सूर्यकांत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सम्पूर्ण समाधान दिवस में बड़ी संख्या में फरियादी पहुंचे और प्रशासन से न्याय व त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा जताई।