रामनगर में बाघ का तांडव: मजदूर की मौत, महज 3 घंटे में किया रेस्क्यू

रामनगर में पाइपलाइन पर काम कर रहे मजदूर अभिमन्यु कुमार पर बाघ ने हमला किया, जिससे उनकी मौत हो गई। वन विभाग ने तीन घंटे में बाघ को ट्रेंकुलाइज कर ढेला रेस्क्यू सेंटर भेजा। क्षेत्र में वन्यजीव हमलों की घटनाएं बढ़ रही हैं।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 5 January 2026, 1:10 PM IST
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Ramnagar: उत्तराखंड के रामनगर वन प्रभाग में रविवार देर शाम एक बार फिर बाघ के हमले ने इलाके में सनसनी फैला दी। कोटा रेंज के पाटकोट क्षेत्र अंतर्गत भलोन गांव में पाइपलाइन बिछाने के काम में लगे मजदूर पर बाघ ने हमला कर उसकी जान ले ली। मृतक की पहचान अभिमन्यु कुमार (30 वर्ष), पुत्र भगेलू साह, निवासी जोकटिया, थाना मझौलिया, जिला बेतिया (पश्चिम चंपारण, बिहार) के रूप में हुई।

अभिमन्यु कुमार सिंचाई विभाग के तहत चल रहे पाइपलाइन बिछाने के कार्य में रामनगर आए थे। घटना रविवार सायं लगभग 6:45 बजे हुई। बाघ ने अचानक हमला कर मजदूर को गंभीर चोटें पहुंचाईं, जिससे उनकी मौत हो गई।

वन विभाग की त्वरित कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही रामनगर वन प्रभाग की टीम अलर्ट हो गई। डीएफओ ध्रुव मार्तोलिया ने बताया कि तीन रेंज की संयुक्त टीम, वेटरनरी डॉक्टर और क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को मौके पर रवाना किया गया। टीम शाम करीब 7 बजे घटनास्थल पहुंची और सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

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लगातार प्रयासों और कड़ी मशक्कत के बाद रात लगभग 11:30 बजे बाघ को ट्रेंकुलाइज कर लिया गया। डीएफओ मर्तोलिया ने बताया कि बाघ को रेस्क्यू वैन में सुरक्षित रखा गया और ढेला रेस्क्यू सेंटर भेजा गया। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया में सुरक्षा मानकों का पूरा पालन किया गया।

बाघ की पहचान और स्वास्थ्य

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. दुष्यंत शर्मा ने बताया कि रेस्क्यू किया गया बाघ मादा है, जिसकी उम्र लगभग 2 से 2.5 वर्ष है। बाघ पूरी तरह स्वस्थ है और फिलहाल निगरानी में रखा गया है। डॉ. शर्मा ने बताया कि वे उस समय जोशीमठ में थे, लेकिन जैसे ही सूचना मिली, तुरंत टीम के साथ मौके पर पहुंचे।

बाघ मादा सुरक्षित रेस्क्यू सेंटर भेजी गई

वन्यजीव हमलों की बढ़ती घटनाएं

उत्तराखंड में वन्यजीवों, खासकर बाघों के हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। पिछले एक सप्ताह के भीतर यह तीसरी घटना है। इससे पहले टोटाम के क्यारी गांव और सांवल्दे क्षेत्र में बाघों के हमलों में दो महिलाओं की जान जा चुकी है।

क्षेत्र में ताजा घटना के बाद लोगों में डर और दहशत का माहौल है। वन विभाग ने स्थानीय लोगों से सतर्क रहने, जंगल से सटे इलाकों में अकेले न जाने और बच्चों को सुरक्षित रखने की अपील की है।

घटनास्थल का हाल

घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि बाघ काफी उग्र और तेज था। पाइपलाइन बिछाने वाले मजदूरों ने बताया कि अभिमन्यु कुमार अचानक बाघ के सामने आ गए और हमला इतना तेज था कि बचने का कोई मौका नहीं मिला। वन विभाग ने पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए टाइगर रिजर्व और स्थानीय वन रेंज की टीमों को लगातार पैट्रोलिंग पर रखा गया है।

ट्रेंकुलाइजेशन और रेस्क्यू ऑपरेशन

वन विभाग ने बताया कि बाघ को ट्रेंकुलाइज करने के लिए विशेष दवाओं का इस्तेमाल किया गया। रात के समय ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए पूरी टीम में सुरक्षा और विशेषज्ञों का सहयोग लिया गया। ट्रेंकुलाइजेशन के बाद बाघ को सुरक्षित रेस्क्यू वैन में ढेला रेस्क्यू सेंटर भेजा गया, जहां उसकी निगरानी की जा रही है।

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वन विभाग ने कहा कि यह ऑपरेशन वन्यजीव सुरक्षा और मानव सुरक्षा दोनों को ध्यान में रखकर किया गया। डीएफओ मर्तोलिया ने स्थानीय लोगों से अपील की कि वे जंगल में सतर्क रहें और वन्यजीवों से दूरी बनाए रखें।

आगामी कार्रवाई

वन विभाग ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अधिक सतर्कता और पब्लिक अवेयरनेस कैंपेन चलाने की योजना बनाई जा रही है। उत्तराखंड में बाघ-human संघर्ष की घटनाओं के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने भी निर्देश दिए हैं कि वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ-साथ स्थानीय लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

Location : 
  • Ramnagar

Published : 
  • 5 January 2026, 1:10 PM IST

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