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सुप्रीम कोर्ट ने हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में रेलवे की 31 हेक्टेयर भूमि से अतिक्रमण हटाने के मामले में जो अहम आदेश दिये हैं, उसके बाद क्षेत्र में पुलिस सतर्कता बढ़ा दी गई है, चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। एक सप्ताह तक पीएससी भी तैनात रहेगी।
पुलिस का कड़ा पहरा (Img- Internet)
Haldwani: सुप्रीम कोर्ट ने बनभूलपुरा में रेलवे की 31 हेक्टेयर भूमि से अतिक्रमण हटाने के मामले में जो अहम आदेश दिये हैं, उसके बाद क्षेत्र में पुलिस सतर्कता बढ़ा दी गई है। इतना ही नहीं क्षेत्र में एक सप्ताह तक पीएससी भी तैनात रहेगी। इस बारे में भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है कि कहीं कोई अफवाह न फैला दे। ऐसा लगता है कि प्रशासन को किसी बड़े बवाल की आशंका है।
हालांकि बनभूलपुरा में रेलवे की भूमि पर अतिक्रमण मामले में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की संयुक्त पीठ ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए अहम आदेश पारित किये हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार व रेलवे को आदेश दिए हैं कि अवैध कब्जेदारों को पीएम आवास योजना जैसी योजनाओं के तहत योग्य पात्रों की पहचान कर राहत दी जाए।
कोर्ट के इस फैसले के बाद प्रभावितों का पुनर्वास पीएम आवास योजना से संभव हो सकेगा, लेकिन चीफ जस्टिस ने यह भी टिप्पणी की है कि किसी भी बड़े प्रोजेक्ट के लिए खाली जगह की जरूरत होती है। इसलिए वहां अवैध रूप से रहने वाले लोग यह तय नहीं कर सकते कि रेलवे को लाइन को कहां बिछानी चाहिए।
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गौरतलब है कि बनभूलपुरा क्षेत्र में 50 हजार से अधिक की आबादी निवास करती है। इन लोगों को अब अपनी जगहों से उजड़ने का डर सता रहा है। वे अतिक्रमण हटाए जाने के विरोध में कोई बड़ा हंगामा कर सकते हैं, क्योंकि पूर्व में भी ऐसा हो चुका है।
सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई के बाद सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी के नेतृत्व में पुलिस व प्रशासन की टीम ने क्षेत्र में फ्लैग मार्च निकालकर शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। इस दौरान एसपी सिटी मनोज कत्याल, सीओ हल्द्वानी अमित कुमार सैनी, निरीक्षक बनभूलपुरा दिनेश फर्त्याल, निरीक्षक एलआइयू ज्ञानेंद्र शर्मा आदि मौजूद रहे। सीओ ने बताया कि पूरी फोर्स एक सप्ताह क्षेत्र में तैनात रहेगी।
क्षेत्र में तकनीकी तौर पर निगरानी के साथ ही पुलिस की साइबर सेल ने इंटरनेट मीडिया पर भी निगरानी रखी। एसएसपी का साफ कहना है कि इंटरनेट मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर वह कड़ी निगरानी रखेंगे। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के विरुद्ध नैनीताल पुलिस कड़ी कार्यवाही करेगी।
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इस मामले में प्रारंभिक याचिकाकर्ता आरटीआइ एक्टिविस्ट रविशंकर जोशी को पूर्व में प्रशासन ने गनर उपलब्ध कराया है। इधर, जिला प्रशासन कोर्ट के लिखित आदेश के इंतजार में है। इसके बाद प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता के लिए अभियान चलाने के लिए रणनीति बनाई जाएगी।