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सुप्रीम कोर्ट (Img : Google)
New Delhi: देश की सर्वोच्च न्यायपालिका में एक बड़ा प्रशासनिक और संवैधानिक कदम सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने पांच व्यक्तियों को भारत के सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत करने की सिफारिश की है। यह फैसला न्यायिक व्यवस्था के भीतर एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।
भारत की न्यायिक प्रणाली में कॉलेजियम व्यवस्था सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति और पदोन्नति के लिए जिम्मेदार होती है। इसी प्रक्रिया के तहत सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने इन पांच नामों की सिफारिश की है। यह सिफारिश न्यायपालिका में अनुभव, कार्यक्षमता और वरिष्ठता को ध्यान में रखते हुए की गई है। अब इन नामों को केंद्र सरकार को भेजा जाएगा, जहां से अंतिम मंजूरी की प्रक्रिया पूरी होगी।
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कॉलेजियम द्वारा जिन पांच व्यक्तियों के नाम सुप्रीम कोर्ट के लिए प्रस्तावित किए गए हैं, उनमें न्यायमूर्ति शील नागू, न्यायमूर्ति श्री चंद्रशेखर, न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति अरुण पल्ली शामिल हैं। इनके साथ ही वरिष्ठ अधिवक्ता वी. मोहना का नाम भी इस सूची में शामिल किया गया है, जो न्यायिक क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय और प्रतिष्ठित मानी जाती हैं। यह सूची न्यायपालिका के अनुभव और विविध पृष्ठभूमि को दर्शाती है।
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इस सिफारिश में सबसे खास बात यह है कि एक वरिष्ठ अधिवक्ता वी. मोहना का नाम भी शामिल किया गया है। न्यायिक व्यवस्था में अधिवक्ताओं को सीधे सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश बनाए जाने का फैसला बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
Location : New Delhi
Published : 27 May 2026, 9:14 PM IST