आगरा कैंट कांड: DSS को घसीटने वाले गुनहगारों को मिला दूर का ठिकाना, पर बयान दर्ज होने से पहले ही जांच ठप!

आगरा कैंट डीएसएस पिटाई कांड में बड़ा मोड़। 4 निलंबित आरपीएफ कर्मियों को झांसी और प्रयागराज भेजा गया। बयान दर्ज होने से ठीक पहले जांच अधिकारी को मुख्यालय बुलाने से उठ रहे हैं कई गंभीर सवाल।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 17 July 2026, 12:13 PM IST
google-preferred

Agra: आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर ऑन-ड्यूटी डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट (DSS) नरेंद्र सिंह चाहर की बर्बर पिटाई और उन्हें जानवरों की तरह घसीटकर आरपीएफ पोस्ट ले जाने के मामले ने अब एक नया और संदेहास्पद मोड़ ले लिया है। इस वीभत्स कांड के बाद उपजे जनाक्रोश को शांत करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल के चीफ कमांडेंट ने चार निलंबित आरोपियों को आगरा से हटाकर प्रयागराज और झांसी मंडल के सुदूर आरपीएफ पोस्टों से संबद्ध (अटैच) कर दिया है।

लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि जैसे ही इन गुनहगारों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसने के लिए बयान दर्ज होने वाले थे, पूरी जांच प्रक्रिया को ही रहस्यमयी ढंग से रोक दिया गया।

दबंगों को नई तैनाती, पर जांच के पहिए जाम

चीफ कमांडेंट के आदेश के मुताबिक, एएसआई मेघराज मीणा को ललितपुर, एएसआई बालकिशन मीणा को फतेहपुर, हेड कांस्टेबल बादाम सिंह को चित्रकूट कर्वी और कांस्टेबल जितेंद्र सिंह को मानिकपुर पोस्ट से अटैच किया गया है। आगरा मंडल के पीआरओ संजय कुमार गौतम ने इसकी पुष्टि की है।

आगरा में ठेके के बाहर बुलेट सवार बदमाशों का तांडव, युवक को बीच सड़क पर बेरहमी से पीटा, मूकदर्शक बनी रही भीड़

लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या यह केवल एक रूटीन कार्रवाई है या आरोपियों को स्थानीय दबाव से बचाने का कोई अंदरूनी रास्ता? इस आशंका को बल तब मिला जब गुरुवार सुबह 11 बजे डीआरएम दफ्तर में गवाहों और आरोपियों के बयान दर्ज होने थे, लेकिन ठीक उसी वक्त जांच समिति के प्रमुख सदस्य राजमोहन पिचाई को अचानक प्रयागराज मुख्यालय बुला लिया गया, जिससे पूरी प्रक्रिया ठप हो गई।

एक नेक काम और बर्बर खाकी का असली चेहरा

इस पूरे विवाद की जड़ में रेलवे सुरक्षा बल का वह अमानवीय चेहरा है, जिसने रेल महकमे को शर्मसार कर दिया। रविवार को डीएसएस नरेंद्र सिंह चाहर ने मानवता दिखाते हुए एक महिला यात्री के लिए हीराकुंड एक्सप्रेस को कुछ पलों के लिए रुकवा दिया था। यात्रियों की सुरक्षा का दम भरने वाली आरपीएफ को यह बात इतनी नागवार गुजरी कि उन्होंने ऑन-ड्यूटी अफसर की सरेआम पिटाई कर दी।

आगरा कैंट में DSS नरेंद्र चाहर पर हमले का CCTV से हुआ बड़ा खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार, बाकी की तलाश जारी

अंदरूनी सुगबुगाहट और टला हुआ तूफान

इस घटना के बाद से ही कैंट स्टेशन और डीआरएम ऑफिस पर कर्मचारी संगठनों का भारी आक्रोश देखने को मिला है। हालांकि, नॉर्थ सेंट्रल रेलवे इंप्लाइज संघ ने अपना प्रस्तावित प्रदर्शन फिलहाल टाल दिया है, लेकिन आरपीएफ चीफ कमांडेंट राजमोहन पिचाई के तबादले की सुगबुगाहट ने यह साफ कर दिया है कि रेलवे के भीतर इस वक्त एक बड़ा प्रशासनिक शीतयुद्ध चल रहा है। देखना होगा कि यह दूरदराज का तबादला पीड़ितों को न्याय दिलाता है या मामले को ठंडे बस्ते में डालने की साजिश साबित होता है।

Location :  Agra

Published :  17 July 2026, 12:13 PM IST

Advertisement