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सीजेआई सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट की घटना पर दी प्रतिक्रिया (Img: Pinterest)
New Delhi: सुप्रीम कोर्ट में हाल ही में एक युवा वकील के कथित अभद्र व्यवहार को लेकर उठे विवाद पर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने पहली बार खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बेहद शांत और संतुलित अंदाज में कहा कि बच्चे कई बार ऐसा कर देते हैं।
हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा और सम्मान बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
ऑल इंडिया सीनियर एडवोकेट्स एसोसिएशन (AISAA) द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में बोलते हुए CJI सूर्यकांत ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान पर टिकी होती है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका जैसी संस्थाओं की गरिमा केवल न्यायाधीशों या वकीलों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरे समाज को इसे बनाए रखने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी परिस्थिति में अदालत की मर्यादा से समझौता नहीं होना चाहिए। उनका मानना है कि संस्थाओं के प्रति सम्मान बनाए रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करता है और जनता का भरोसा कायम रखता है।
अपने संबोधन के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने सुप्रीम कोर्ट में वर्षों से लंबित मामलों के निपटारे को लेकर भी अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नई रोस्टर व्यवस्था तैयार की गई है, जिसके तहत अब चार विशेष पीठों का गठन किया गया है। इनमें दो पीठें दीवानी (सिविल) मामलों की सुनवाई करेंगी, जबकि दो पीठें आपराधिक (क्रिमिनल) मामलों पर काम करेंगी। उनका उद्देश्य पुराने मामलों की सुनवाई में तेजी लाना और लंबित मामलों का बोझ कम करना है।
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मुख्य न्यायाधीश ने उम्मीद जताई कि इस नई व्यवस्था से न्याय मिलने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज और प्रभावी होगी। इससे वर्षों से फैसले का इंतजार कर रहे लोगों को राहत मिलने की संभावना बढ़ेगी।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि कॉलेजियम किसी भी नाम पर फैसला लेने से पहले उम्मीदवार की न्यायिक क्षमता, ईमानदारी, अनुभव और कार्यशैली जैसे कई पहलुओं का गंभीरता से मूल्यांकन करता है।
उन्होंने बताया कि केवल व्यक्तिगत योग्यता ही नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग हाईकोर्टों का प्रतिनिधित्व और न्यायपालिका में विविधता भी नियुक्ति प्रक्रिया का अहम हिस्सा होती है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सर्वोच्च न्यायालय पूरे देश की विविधता और संविधान की भावना का सही प्रतिनिधित्व कर सके।
यह कार्यक्रम सुप्रीम कोर्ट के हाल ही में नियुक्त न्यायाधीशों के सम्मान के लिए आयोजित किया गया। समारोह में न्यायमूर्ति शील नागू, न्यायमूर्ति श्री चंद्रशेखर, न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा, न्यायमूर्ति अरुण पल्ली और न्यायमूर्ति वी. मोहना का सम्मान किया गया। इसके अलावा हाल ही में सेवानिवृत्त हुए न्यायमूर्ति जे.के. महेश्वरी और न्यायमूर्ति पंकज मित्तल को भी उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
Location : New Delhi
Published : 14 July 2026, 2:35 PM IST
Topics : CJI Surya Kant judiciary Supreme Court