विंध्यवासिनी धाम में नई व्यवस्था लागू, गर्भगृह में फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी बंद, प्रशासन ने जारी किए सख्त निर्देश

मिर्जापुर के मां विंध्यवासिनी मंदिर के गर्भगृह में अब फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, लाइव स्ट्रीमिंग और ऑडियो रिकॉर्डिंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। नगर मजिस्ट्रेट ने आदेश जारी करते हुए उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई और रिकॉर्डिंग उपकरण जब्त करने की चेतावनी दी है।

Updated : 14 July 2026, 2:47 PM IST
google-preferred

Mirzapur: मिर्जापुर स्थित मां विंध्यवासिनी मंदिर के गर्भगृह में अब किसी भी प्रकार की फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी या ऑडियो रिकॉर्डिंग नहीं की जा सकेगी। इस संबंध में नगर मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार सिंह ने सोमवार को आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि गर्भगृह के भीतर किसी भी प्रकार की दृश्य या श्रव्य सामग्री का निर्माण, संग्रह अथवा प्रसारण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

लाइव स्ट्रीमिंग और वेबकास्टिंग भी प्रतिबंध के दायरे में

प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार मंदिर के गर्भगृह में केवल फोटो या वीडियो रिकॉर्डिंग ही नहीं, बल्कि लाइव स्ट्रीमिंग, वेबकास्टिंग और ऑडियो रिकॉर्डिंग पर भी रोक रहेगी। किसी भी माध्यम से गर्भगृह की दृश्य या श्रव्य सामग्री तैयार करने अथवा प्रसारित करने की अनुमति नहीं होगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य मंदिर परिसर में निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।

यह भी पढ़ों-लखनऊ पुलिस में अफसरों की अदला-बदली, मुख्यालय और उत्तरी जोन में नए एडीसीपी

आरती के दौरान सीमित रिकॉर्डिंग की मिलेगी अनुमति

हालांकि प्रशासन ने प्रतिदिन होने वाली आरती को ध्यान में रखते हुए सीमित छूट भी दी है। आदेश के अनुसार केवल अनुमोदित विशेष अवसरों पर नियंत्रित और सीमित रिकॉर्डिंग की जा सकेगी। इसके लिए जिला सूचना अधिकारी या उनके द्वारा नामित विधिक प्रतिनिधि को रिकॉर्डिंग की अनुमति होगी। इसके अलावा मंदिर प्रशासन और सिटी मजिस्ट्रेट के अभिलेखों में दर्ज पंडा समाज के अधिकृत प्रतिनिधि तथा पूर्व अनुमति प्राप्त अधिकृत मीडिया प्रतिनिधि भी निर्धारित शर्तों के तहत रिकॉर्डिंग कर सकेंगे।

नियम तोड़ने पर जब्त हो सकते हैं मोबाइल और कैमरे

प्रशासन ने साफ किया है कि यदि कोई श्रद्धालु आदेश का उल्लंघन करते हुए मोबाइल फोन, कैमरा या अन्य रिकॉर्डिंग उपकरण का उपयोग करता पाया जाता है तो संबंधित उपकरण को साक्ष्य के रूप में जब्त किया जा सकता है। नगर मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार सिंह ने कहा कि आदेश प्रभावी हो चुका है और नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें- Prayagraj: पति की जेब और हालात… दोनों देखेगी अदालत, जानें भरण-पोषण पर क्या बोला इलाहाबाद हाई कोर्ट

निगरानी की जिम्मेदारी पुलिस और मंदिर प्रशासन को

नई व्यवस्था के प्रभावी पालन के लिए सीओ सिटी, विंध्याचल थाना प्रभारी और मंदिर सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी अधिकारियों को निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही मंदिर प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि आदेश की जानकारी सभी प्रवेश द्वारों, प्रतीक्षालयों, कतार मार्गों और अन्य प्रमुख स्थानों पर सूचना पट्ट के माध्यम से प्रदर्शित की जाए, ताकि प्रत्येक श्रद्धालु को नए नियमों की स्पष्ट जानकारी मिल सके।

Location :  Mirzapur

Published :  14 July 2026, 2:47 PM IST

Advertisement