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अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग को लेकर नैनीताल में महिला कांग्रेस ने पांच घंटे तक जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारे लगाए, VVIP नाम उजागर करने की मांग की और चेतावनी दी कि न्याय नहीं मिलने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।
नैनीताल में महिला कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन
Nainital: उत्तराखंड के नैनीताल में अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग को लेकर महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। शहर के प्रमुख कलक्ट्रेट चौराहे पर बड़ी संख्या में जुटीं महिलाओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मामले में सामने आए कथित वीवीआईपी का नाम सार्वजनिक करने की मांग दोहराई। प्रदर्शन के दौरान माहौल कई बार तनावपूर्ण हो गया और पुलिस को स्थिति संभालने के लिए अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा।
यह प्रदर्शन सुबह करीब 11 बजे शुरू हुआ और शाम 4.30 बजे तक चला। इस दौरान कलक्ट्रेट चौराहा पूरी तरह से प्रदर्शनकारियों के कब्जे में रहा, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और आसपास के इलाकों में जाम जैसी स्थिति बन गई। महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना था कि राज्य सरकार लगातार इस संवेदनशील मामले में गंभीरता नहीं दिखा रही है, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिलने में देरी हो रही है।
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि वह प्रभावशाली लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है। नारेबाजी के बीच प्रदर्शनकारियों ने विधायक सरिता आर्या का पुतला जलाने की कोशिश की। हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिस ने समय रहते हस्तक्षेप कर पुतला दहन को रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी महिलाओं के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई, जिससे कुछ समय के लिए हालात और तनावपूर्ण हो गए।
महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बताया कि कुछ दिन पहले उन्होंने इसी मुद्दे को लेकर विधायक सरिता आर्या को ज्ञापन सौंपा था, लेकिन अब तक उन्हें कोई ठोस जवाब नहीं मिला। इसी नाराजगी के चलते उन्हें सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा। महिलाओं का कहना था कि यदि जनप्रतिनिधि ही जनता की आवाज नहीं सुनेंगे, तो विरोध ही एकमात्र रास्ता बचता है।
घंटों ठप रहा चौराहा
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने विधायक सरिता आर्या से फोन पर संपर्क करने की भी कोशिश की। फोन पर बातचीत में विधायक ने कहा कि मामले की जांच चल रही है और वह स्वयं इस घटना की निंदा करती हैं। हालांकि, उनका यह जवाब प्रदर्शनकारियों को संतुष्ट नहीं कर पाया। महिलाओं का कहना था कि सिर्फ निंदा से नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई से ही पीड़िता को न्याय मिल सकता है।
कलक्ट्रेट गेट के पास पुतला जलाने की कोशिश के दौरान पुलिस और महिलाओं के बीच कहासुनी बढ़ गई, जिससे कुछ देर के लिए जाम जैसी स्थिति बन गई। बाद में मौके पर पहुंचे सीओ रविकांत सेमवाल ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया। उन्होंने महिलाओं को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा।
प्रदर्शन में शामिल महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि डबल इंजन की सरकार में भी प्रदेश की बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी जैसे मामलों में सरकार की चुप्पी बेहद चिंताजनक है। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही अंकिता भंडारी को न्याय नहीं मिला और सीबीआई जांच की मांग नहीं मानी गई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
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इस विरोध प्रदर्शन में नैनीताल के अलावा काशीपुर, रुद्रपुर और हल्द्वानी सहित कई क्षेत्रों से महिलाएं शामिल हुईं। प्रदर्शन में पूजा सिंह, राधा आर्या, मोनिका, सुनीता कश्यप, रजनी, संगीता यादव, सरिता गुरुरानी, गीता बहुगुणा, जया कपिल, मीना सिंह, पुष्पा तिवारी, तुलसी बिष्ट, प्रीति सुहाना, मीना ढाली, गीता मंडल, लता तरुण, देवकी, चंपा सनवाल, सीमा सरकार, ममता, शैला नेगी, भगवती बिष्ट, कमला फर्तियाल और सविता समेत कई महिलाएं मौजूद रहीं।