Cyber Fraud: एक क्लिक में साफ हुआ खाता, हल्द्वानी में साइबर ठगी से महिला कंगाल, जानें क्या है पूरा मामला

हल्द्वानी के आनंद बाग की एक महिला ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गई, जहां खुद को बैंक कर्मचारी बताने वाले साइबर अपराधी ने फर्जी लिंक भेजकर उनके खाते से करीब साढ़े तीन लाख रुपये उड़ा लिए। बिना ओटीपी साझा किए ही रकम कटने से महिला हैरान रह गई।

Uttarakhand: हल्द्वानी में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला का बैंक खाता कुछ ही मिनटों में खाली हो गया। आनंद बाग इलाके की रहने वाली पीड़िता का खाता पीएनबी की द्वारका शाखा में है। महिला के मुताबिक, पिछले साल दिसंबर में उन्हें एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को बैंक कर्मचारी बताया। उसने खाता सत्यापन के नाम पर बातचीत शुरू की और भरोसा जीतने की कोशिश की।

बातचीत के कुछ देर बाद उसी नंबर से महिला के मोबाइल पर एक लिंक भेजा गया। कॉल करने वाले ने लिंक को जरूरी बताते हुए तुरंत खोलने को कहा। बैंक से संबंधित होने के कारण महिला को उस पर शक नहीं हुआ और उन्होंने लिंक पर क्लिक कर दिया। यही क्लिक उनके लिए भारी पड़ गया।

बिना ओटीपी साझा किए खाते से उड़ गए लाखों रूपये

महिला का कहना है कि उन्होंने न तो किसी के साथ ओटीपी साझा किया और न ही कोई गोपनीय बैंक जानकारी दी। इसके बावजूद लिंक खोलते ही उनके मोबाइल पर लगातार ट्रांजेक्शन के मैसेज आने लगे। कुछ ही मिनटों में उनके खाते से करीब साढ़े तीन लाख रुपये निकल गए।

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अचानक खाते से रकम कटने की सूचना मिलने पर महिला घबरा गई और बैंक बैलेंस चेक किया तो खाता लगभग खाली हो चुका था। उन्हें तब समझ आया कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुकी हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि केवल एक लिंक क्लिक करने से भी साइबर अपराधी लोगों की मेहनत की कमाई तक पहुंच बना रहे हैं।

शिकायत के बाद टीम जांच में जुटी

घटना की जानकारी मिलते ही महिला हल्द्वानी कोतवाली पहुंचीं और लिखित शिकायत दी। कोतवाल विजय मेहता ने बताया कि मामले में पहले जीरो एफआईआर दर्ज की गई, जिसके बाद जांच पूरी होने पर अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

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पुलिस अब कॉल रिकॉर्ड, इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, बैंक लेनदेन और डिजिटल ट्रेल की जांच कर रही है। साइबर सेल की मदद से आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, चाहे वह बैंक या सरकारी संस्था के नाम से ही क्यों न आया हो। बैंक कभी भी फोन या मैसेज के जरिए खाता सत्यापन के लिए लिंक नहीं भेजते। सतर्कता ही ऐसे साइबर अपराधों से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।

Location : 
  • Haldwani

Published : 
  • 23 February 2026, 2:00 PM IST

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