हिंदी
वाराणसी अग्निशमन विभाग (Img: Google)
Varanasi: दिल्ली के एक होटल और बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित अस्पताल में हाल ही में हुई आग की घटनाओं के बाद वाराणसी प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। संभावित हादसों को रोकने और सुरक्षा व्यवस्थाओं की हकीकत जानने के लिए अग्निशमन विभाग ने शहर भर में विशेष जांच अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान होटल, गेस्ट हाउस और होमस्टे प्रतिष्ठानों की व्यापक जांच की गई, जिसमें कई स्थानों पर गंभीर कमियां सामने आईं।
अग्निशमन विभाग की इस कार्रवाई से होटल संचालकों के बीच हड़कंप मच गया है। विभाग ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले 10 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत ने बताया कि अभियान के तहत कुल 34 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इनमें 26 होटल और गेस्ट हाउस के अलावा आठ होमस्टे शामिल रहे। जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि सभी प्रतिष्ठानों में आग से बचाव के लिए जरूरी सुरक्षा उपाय उपलब्ध हैं या नहीं।
बदायूं में टैंक की सफाई के दौरान हादसा, 2 सगे भाइयों की मौत, 1 की हालत गंभीर
निरीक्षण के दौरान कई जगह अग्निशमन यंत्रों की कमी, आपातकालीन निकास मार्गों में खामियां और सुरक्षा उपकरणों के रखरखाव में लापरवाही देखने को मिली।
जांच के दौरान जिन प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं पाया गया, उनमें होटल डी पॉल, प्रीति गेस्ट हाउस, बुद्धा गार्डन, शिवम होटल, ग्रैंड कॉन्टिनेंटल, होटल दयाल, होटल न्यू काशी, होटल रुद्राक्ष, गौतम ग्रैंड और राजकमल शामिल हैं। अधिकारियों ने इन सभी प्रतिष्ठानों को निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक सुधार करने का निर्देश दिया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि खामियां दूर नहीं की गईं तो सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
अग्निशमन विभाग का कहना है कि होटल और गेस्ट हाउस जैसी जगहों पर हर समय बड़ी संख्या में लोग ठहरते हैं। ऐसे में आग जैसी आपात स्थिति में सुरक्षा संसाधनों का उपलब्ध होना बेहद जरूरी है। अधिकारियों ने संचालकों को फायर अलार्म सिस्टम, अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास मार्ग, आपदा प्रबंधन योजना और कर्मचारियों के प्रशिक्षण जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
Ghaziabad News: होटल रूम में क्या हुआ उस रात? युवक-युवती की मौत ने खड़े किए सवाल
मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई के लिए एडीएम प्रोटोकॉल को पत्र भेजा जाएगा। अगर निर्धारित अवधि के भीतर संबंधित प्रतिष्ठान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करते हैं तो उनकी बिजली आपूर्ति बंद कराई जा सकती है।
इसके अलावा गंभीर मामलों में प्रतिष्ठानों को सील करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। प्रशासन का कहना है कि लोगों की सुरक्षा के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
Location : Varanasi
Published : 5 June 2026, 11:41 AM IST