वाराणसी के इन बड़े होटलों पर क्यों प्रशासन की नजर? एक्शन से मचा हड़कंप, सामने आई बड़ी लापरवाही

दिल्ली और बिहार में हालिया अग्निकांडों के बाद वाराणसी में शुरू हुई एक जांच ने कई प्रतिष्ठानों की नींद उड़ा दी है। प्रशासन की टीम जब शहर के होटल, गेस्ट हाउस और होमस्टे तक पहुंची तो कई जगह ऐसे तथ्य सामने आए जिन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 5 June 2026, 11:41 AM IST
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Varanasi: दिल्ली के एक होटल और बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित अस्पताल में हाल ही में हुई आग की घटनाओं के बाद वाराणसी प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। संभावित हादसों को रोकने और सुरक्षा व्यवस्थाओं की हकीकत जानने के लिए अग्निशमन विभाग ने शहर भर में विशेष जांच अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान होटल, गेस्ट हाउस और होमस्टे प्रतिष्ठानों की व्यापक जांच की गई, जिसमें कई स्थानों पर गंभीर कमियां सामने आईं।

अग्निशमन विभाग की इस कार्रवाई से होटल संचालकों के बीच हड़कंप मच गया है। विभाग ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले 10 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

34 प्रतिष्ठानों की हुई जांच

मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत ने बताया कि अभियान के तहत कुल 34 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इनमें 26 होटल और गेस्ट हाउस के अलावा आठ होमस्टे शामिल रहे। जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि सभी प्रतिष्ठानों में आग से बचाव के लिए जरूरी सुरक्षा उपाय उपलब्ध हैं या नहीं।

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निरीक्षण के दौरान कई जगह अग्निशमन यंत्रों की कमी, आपातकालीन निकास मार्गों में खामियां और सुरक्षा उपकरणों के रखरखाव में लापरवाही देखने को मिली।

इन प्रतिष्ठानों को जारी हुआ नोटिस

जांच के दौरान जिन प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं पाया गया, उनमें होटल डी पॉल, प्रीति गेस्ट हाउस, बुद्धा गार्डन, शिवम होटल, ग्रैंड कॉन्टिनेंटल, होटल दयाल, होटल न्यू काशी, होटल रुद्राक्ष, गौतम ग्रैंड और राजकमल शामिल हैं। अधिकारियों ने इन सभी प्रतिष्ठानों को निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक सुधार करने का निर्देश दिया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि खामियां दूर नहीं की गईं तो सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा मानकों पर नहीं होगा समझौता

अग्निशमन विभाग का कहना है कि होटल और गेस्ट हाउस जैसी जगहों पर हर समय बड़ी संख्या में लोग ठहरते हैं। ऐसे में आग जैसी आपात स्थिति में सुरक्षा संसाधनों का उपलब्ध होना बेहद जरूरी है। अधिकारियों ने संचालकों को फायर अलार्म सिस्टम, अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास मार्ग, आपदा प्रबंधन योजना और कर्मचारियों के प्रशिक्षण जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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बिजली कटने और सीलिंग तक पहुंच सकता है मामला

मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई के लिए एडीएम प्रोटोकॉल को पत्र भेजा जाएगा। अगर निर्धारित अवधि के भीतर संबंधित प्रतिष्ठान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करते हैं तो उनकी बिजली आपूर्ति बंद कराई जा सकती है।

इसके अलावा गंभीर मामलों में प्रतिष्ठानों को सील करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। प्रशासन का कहना है कि लोगों की सुरक्षा के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

Location :  Varanasi

Published :  5 June 2026, 11:41 AM IST

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