जब सहारे की थी जरुरत तब साधन संपन्न लोगों ने मां और बहनों से कर लिया किनारा, फिंगरप्रिंट और आइरिस स्कैन से हुई पहचान
काशी और आसपास के जिलों में 130 लावारिस महिलाओं की पहचान फिंगरप्रिंट और आइरिस स्कैन से हुई, लेकिन पहचान सामने आने के बाद भी ज्यादातर परिजनों ने उन्हें अपनाने से इन्कार कर दिया। इनमें पांच महिलाओं की मौत हो चुकी है, जबकि 125 महिलाएं अपना घर आश्रम में रह रही हैं।