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उत्तर प्रदेश में कोडीन युक्त कफ सिरप से जुड़े एक बड़े नेटवर्क पर पुलिस ने निर्णायक कार्रवाई की है। वाराणसी और सोनभद्र समेत कई जिलों में करोड़ों की संपत्तियों पर कार्रवाई हुई है। मामले में कई आरोपी फरार हैं और जांच लगातार तेज की जा रही है।
कफ सिरप केस में मुख्य सरगना शुभम जायसवाल पर बड़ा एक्शन
Varanasi: उत्तर प्रदेश में कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी के खिलाफ यूपी पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस ने फरार चल रहे मुख्य सरगना शुभम जायसवाल की करीब 100 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर ली है। यह कार्रवाई वाराणसी और सोनभद्र जिलों में की गई है, जिससे पूरे तस्करी नेटवर्क में हड़कंप मच गया है।
पुलिस के मुताबिक, शुभम जायसवाल ने अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियां अलग-अलग जिलों में खड़ी की थीं। वाराणसी में उसकी करीब 70 करोड़ रुपये की संपत्ति को कुर्क किया गया है, जबकि सोनभद्र में 30 करोड़ रुपये की संपत्ति पर कार्रवाई की गई। सोनभद्र पुलिस ने शुभम के पिता भोला जायसवाल के नाम दर्ज संपत्तियों को भी कुर्क किया है, जो अवैध कमाई से बनाई गई थीं।
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यह पूरी कार्रवाई भारतीय न्याय संहिता (बीएनएसएस) की धारा 107 के तहत की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि आरोपी एक महीने के भीतर इन संपत्तियों के वैध आय स्रोतों को साबित नहीं कर पाए, तो सरकार इन पर स्थायी रूप से कब्जा कर लेगी। इस कानूनी प्रावधान के तहत अब आरोपियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
कफ सिरप तस्करी के इस बड़े सिंडिकेट में शामिल अन्य आरोपियों के खिलाफ भी शिकंजा कसता जा रहा है। लखनऊ स्थित विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने इस मामले में करीब 30 फरार आरोपियों के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया है। इसके तहत इन आरोपियों के पासपोर्ट जब्त किए जाएंगे, ताकि वे देश छोड़कर फरार न हो सकें।
एसआईटी की जांच में खुलासा हुआ है कि इस सिंडिकेट से जुड़े कारोबारियों ने एक लाख से ज्यादा कोडीन युक्त कफ सिरप की शीशियों का अवैध भंडारण और बिक्री की थी। यह कफ सिरप नशीले पदार्थ के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। जांच एजेंसियों ने इस पूरे नेटवर्क की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है।
जांच में यह भी सामने आया है कि इस अवैध कारोबार में कफ सिरप बनाने वाली कुछ कंपनियों की भूमिका संदिग्ध रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, तीन दवा कंपनियों के खिलाफ जल्द ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इन कंपनियों पर नियमों की अनदेखी कर बड़ी मात्रा में कफ सिरप सप्लाई करने का आरोप है।
मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के साथ-साथ उसके परिवार से जुड़ी संपत्तियों पर भी कार्रवाई जारी है। पुलिस का कहना है कि अवैध कमाई को रिश्तेदारों और परिचितों के नाम पर निवेश किया गया था। अब इन सभी संपत्तियों की जांच कर उन्हें कुर्क किया जा रहा है।
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इसके अलावा लखनऊ में बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह और जौनपुर में अमित सिंह टाटा की संपत्तियों को भी कुर्क करने की तैयारी चल रही है। जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क को मनी लॉन्ड्रिंग और क्रॉस-बॉर्डर तस्करी के एंगल से भी खंगाल रही हैं।