आधी रात को सियासी भूचाल, अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में देवरिया में सपा का जबरदस्त प्रदर्शन

देवरिया के सुभाष चौक पर बीती रात सपा प्रमुख अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में सपा कार्यकर्ताओं और छात्रों का भारी प्रदर्शन हुआ। पूरे इलाके को पुलिस छावनी में बदल दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर हिटलरशाही का आरोप लगाते हुए लोकतंत्र बचाने के नारे लगाए।

Updated : 22 July 2026, 10:45 AM IST
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Deoria: लोकतंत्र के इतिहास में जब-जब विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास हुआ है, सड़कों पर जनसैलाब का उतरना तय रहा है। ऐसा ही एक विस्फोटक नजारा बीती देर रात देवरिया के सुभाष चौक पर देखने को मिला। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में सपा कार्यकर्ताओं, छात्र नेताओं और विभिन्न जनसंगठनों ने रात के ठीक 10 बजे हुंकार भरी। विपक्ष के इस जोरदार "हल्ला बोल" प्रदर्शन से पूरे शहर का राजनीतिक तापमान अचानक चरम पर पहुंच गया।

नारेबाजी से गूंजा सुभाष चौक, सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

रात के सन्नाटे को चीरते हुए जैसे ही सैकड़ों कार्यकर्ता सुभाष चौक पर एकत्र हुए, पूरा इलाका गगनभेदी नारों से गूंज उठा। "तानाशाही नहीं चलेगी", "लोकतंत्र बचाओ" और "छात्र-युवा एकता जिंदाबाद" के नारों के साथ प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं का साफ तौर पर कहना था कि सरकार अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए विपक्ष और युवाओं की आवाज को कुचलने का काम कर रही है।

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छावनी में तब्दील हुआ इलाका, पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर

विपक्ष के इस अचानक और आक्रामक रुख को देखते हुए स्थानीय प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में सुभाष चौक को पूरी तरह से पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। किसी भी संभावित हिंसा या अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई। वरिष्ठ अधिकारी पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए रहे। हालांकि, माहौल में खासा तनाव और राजनीतिक गर्माहट रहने के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने अपना विरोध पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से दर्ज कराया।

Deoria Samajwadi Party Workers Protest

सुभाष चौक पर भारी पुलिस बल तैनात (सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)

"यह हिटलरशाही मानसिकता"

धरना स्थल को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के नेताओं और छात्र प्रतिनिधियों ने सरकार की मंशा पर कड़े सवाल उठाए। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर से लेकर संसद भवन तक छात्रों पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज कराया गया है, जो सीधे तौर पर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। नेताओं ने सरकार के इस रवैये को "हिटलरशाही मानसिकता" करार देते हुए कहा कि सत्ता के नशे में चूर सरकार यह भूल रही है कि लोकतंत्र में विरोध की आवाज को लाठियों और गिरफ्तारियों के दम पर कभी नहीं दबाया जा सकता।

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लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला बर्दाश्त नहीं करेगी जनता

प्रदर्शनकारियों ने सर्वसम्मति से अखिलेश यादव की गिरफ्तारी की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र के मूल्यों पर सीधा हमला बताया। वक्ताओं ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि देश का छात्र, युवा और आम जनता अब शांत नहीं बैठने वाली है। विरोध की इस चिंगारी को गिरफ्तारियों से बुझाया नहीं जा सकता। देर रात तक चले इस धरने के माध्यम से प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार दमनकारी नीतियां बंद नहीं करती, तब तक उनका यह आंदोलन थमने वाला नहीं है।

Location :  Deoria

Published :  22 July 2026, 10:45 AM IST

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