अंकिता भंडारी हत्याकांड में बड़ा खुलासा: पुलिस के इस बयान से बदल गई पूरी कहानी, जानें नया एंगल

अंकिता भंडारी हत्याकांड में सोशल मीडिया पर वायरल ‘वीआईपी’ दावे के बीच पुलिस ने बड़ा खुलासा किया। जांच में सामने आया कि आरोपी कोई वीआईपी नहीं, बल्कि नोएडा का सामान्य व्यक्ति था। मामले ने उत्तराखंड राजनीति और जनता में भारी चर्चा मचा दी है।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 4 January 2026, 1:22 PM IST
google-preferred

Dehradun: साल 2022 में हरिद्वार के पास वनंतारा रिसॉर्ट में काम करने वाली 19 वर्षीय रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की कथित तौर पर हत्या ने उत्तराखंड में भारी सनसनी मचा दी। सोशल मीडिया पर वीडियो और दावों ने मामले को और जटिल बना दिया। अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने वीडियो में दावा किया कि हत्याकांड में शामिल ‘वीआईपी’ भाजपा का नेता है। इस वीडियो के बाद मामला राजनीतिक गरमागरमी का हिस्सा बन गया।

पुलिस का अहम खुलासा

हाल ही में हरिद्वार के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) शेखर सुयाल ने स्पष्ट किया कि जिस व्यक्ति का नाम सोशल मीडिया पर ‘वीआईपी’ के रूप में लिया जा रहा था, वह वास्तव में कोई वीआईपी नहीं था। जांच में सामने आया कि वह नोएडा का रहने वाला धमेंद्र कुमार उर्फ प्रधान था।

अंकिता भंडारी हत्याकांड: उत्तराखंड में कांग्रेस का हंगामा, प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज!

धमेंद्र कुमार का केस में रोल

शेखर सुयाल ने बताया कि धमेंद्र कुमार हत्या से दो दिन पहले क्षेत्र में किसी काम से आया था और वनंतारा रिसॉर्ट में खाना खाने के लिए कुछ समय रुका था। रिसॉर्ट के रिकॉर्ड और कर्मचारियों से पूछताछ में इस बात की पुष्टि हुई।

सोशल मीडिया वीडियो और वायरल दावे

अभिनेत्री उर्मिला सनावर के वीडियो में ‘वीआईपी’ और ‘गटटू’ जैसे दावों ने उत्तराखंड की राजनीति में हलचल मचा दी। वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस ने मांग की कि मामले की जांच उच्चतम न्यायालय के वर्तमान या सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई द्वारा कराई जाए।

सोशल मीडिया और राजनीति में हड़कंप (Img- Internet)

पुलिस और एसआईटी की भूमिका

शेखर सुयाल उस समय पौड़ी जिले में अपर पुलिस अधीक्षक थे और बाद में मामले की एसआईटी में भी शामिल हुए। उनका बयान सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को स्पष्ट करने के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है।

आरोप और गिरफ्तारी

जांच में पता चला कि हत्या का कारण एक वीआईपी मेहमान को ‘एंटरटेन’ करने से इंकार हो सकता है, हालांकि आरोपपत्र में इस पहलू का उल्लेख नहीं किया गया। पुलिस ने रिसॉर्ट के मालिक और उत्तराखंड सरकार में पूर्व मंत्री विनोद आर्य के बेटे पुलकित आर्य को गिरफ्तार किया। बीजेपी ने मामले के सार्वजनिक होने के बाद विनोद आर्य और उनके बेटे अंकित आर्य को पार्टी से निलंबित कर दिया।

अंकिता भंडारी हत्याकांड के नए खुलासों के बाद गुस्से की लहर, पीरूमदारा की सड़कों पर महिलाओं, बच्चों ने जताया विरोध

राजनीति और जनमानस में प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और दावों के कारण राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई। कांग्रेस ने सीबीआई जांच की मांग की, जबकि बीजेपी ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर मामले को नियंत्रण में लाने का प्रयास किया।

Location : 
  • Dehradun

Published : 
  • 4 January 2026, 1:22 PM IST

Advertisement
Advertisement