अंकिता भंडारी केस में बड़ा सियासी झटका, BJP के एक और नेता ने दिया इस्तीफा; जानें अब तक कितने छोड़ चुके हैं पार्टी?

अंकिता भंडारी हत्याकांड में CBI जांच की मांग को लेकर बीजेपी में इस्तीफों का सिलसिला जारी है। विकासनगर से भाजपा नेता अरविंद सिंह तोमर ने पार्टी की सक्रिय सदस्यता छोड़ दी। अब पार्टी पर अंदरूनी और बाहरी दोनों दबाव बढ़ते दिख रहे हैं।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 5 January 2026, 12:22 PM IST
google-preferred

Dehradun: उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर अब भारतीय जनता पार्टी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। जहां एक ओर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है, वहीं अब खुद बीजेपी के नेता भी पार्टी के फैसलों से असंतोष जताते हुए CBI जांच की मांग कर रहे हैं। इसी क्रम में विकासनगर क्षेत्र से भाजपा नेता अरविंद सिंह तोमर ने पार्टी की सक्रिय सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।

अरविंद सिंह तोमर ने अपने इस्तीफे में कहा है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में CBI जांच में हो रही देरी से वे बेहद आहत हैं। उन्होंने कहा कि जनता की भावनाओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे पार्टी की छवि को नुकसान पहुंच रहा है। इसी पीड़ा के चलते उन्होंने तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देने का निर्णय लिया।

पार्टी में लंबे समय से निभा रहे थे जिम्मेदारियां

अरविंद सिंह तोमर पूर्व में क्षेत्र पंचायत सदस्य रसूलपुर रह चुके हैं। इसके साथ ही वे भाजपा संगठन में कई अहम पदों पर कार्य कर चुके हैं। उन्होंने बूथ अध्यक्ष, मंडल महामंत्री युवा मोर्चा, मंडल उपाध्यक्ष युवा मोर्चा, मंडल महामंत्री जनजाति मोर्चा जैसे पदों पर जिम्मेदारी निभाई है। लोकसभा चुनाव के दौरान वे जिला सोशल मीडिया प्रभारी भी रहे। वर्तमान में वे पार्टी के सक्रिय सदस्य के रूप में कार्य कर रहे थे।

अंकिता केस में VIP कौन? सेलाकुई से कांग्रेस का सवाल, कैंडल मार्च में सरकार घिरी पूरी तरह

देहरादून परेड ग्राउंड के प्रदर्शन का समर्थन

इस्तीफा देते हुए अरविंद सिंह तोमर ने कहा कि देहरादून के परेड ग्राउंड में अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए जो जनसैलाब उमड़ा, वे उसका समर्थन करते हैं। उन्होंने सरकार और पार्टी नेतृत्व से मांग की कि जल्द से जल्द CBI जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि कुछ चुनिंदा नेताओं के कारण पूरी पार्टी की छवि धूमिल हो रही है।

बीजेपी में बढ़ता इस्तीफों का सिलसिला

अंकिता भंडारी मामले में उर्मिला सनावर के वीडियो सामने आने के बाद से ही बीजेपी में इस्तीफों का दौर शुरू हो गया है। सबसे पहले पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड़ ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया था। उर्मिला सनावर ने अपने वीडियो में आरती गौड़ पर गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद आरती गौड़ ने CBI जांच की मांग करते हुए पार्टी छोड़ी।

इस्तीफा पत्र

इसके बाद बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्य मंत्री भगत राम कोठारी ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपने पत्र में लिखा था कि उत्तराखंड की बेटी अंकिता को अब तक न्याय नहीं मिल पाया है, जिससे जनता में गहरा आक्रोश है। उन्होंने पार्टी से इस मुद्दे पर गंभीर निर्णय लेने की अपील की थी।

इसके अलावा ऋषिकेश से भाजपा युवा मोर्चा के जिला मंत्री अंकित बहुखंडी ने भी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को अपना इस्तीफा भेजा। उन्होंने कहा कि अंकिता प्रकरण में CBI जांच न कराना उत्तराखंड की अस्मिता के साथ खिलवाड़ है और सरकार इस मुद्दे पर मौन है।

क्यों मचा है बवाल?

अंकिता भंडारी की हत्या वर्ष 2022 में हुई थी। वह ऋषिकेश स्थित एक होटल में रिसेप्शनिस्ट के रूप में कार्यरत थीं। हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए कथित ऑडियो-वीडियो में हत्याकांड में एक ‘VIP’ की संलिप्तता के आरोप लगाए गए हैं। उर्मिला सनावर के वीडियो और पूर्व विधायक सुरेश राठौर के साथ कथित ऑडियो बातचीत के बाद यह मामला फिर से सुर्खियों में आ गया।

अंकिता भंडारी हत्याकांड: सीबीआई जांच की मांग को लेकर देहरादून में प्रदर्शन, विपक्ष ने किया मुख्यमंत्री आवास का घेराव

सोशल मीडिया पर वायरल इन ऑडियो-वीडियो के बाद उत्तराखंड पुलिस ने उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर के खिलाफ FIR दर्ज की है। इस बीच कांग्रेस लगातार ‘VIP’ के नाम के खुलासे और CBI जांच की मांग कर रही है।

बीजेपी पर बढ़ता दबाव

अब तक बीजेपी सिर्फ विपक्ष के निशाने पर थी, लेकिन अब पार्टी के भीतर से उठती आवाज़ों ने सरकार और संगठन दोनों पर दबाव बढ़ा दिया है। लगातार हो रहे इस्तीफों से साफ है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड बीजेपी के लिए एक गंभीर राजनीतिक संकट बनता जा रहा है।

Location : 
  • Dehradun

Published : 
  • 5 January 2026, 12:22 PM IST

Advertisement
Advertisement