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सेलाकुई में कांग्रेस ने अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकाला। विधायक प्रीतम सिंह ने सरकार पर VIP को बचाने का आरोप लगाते हुए CBI जांच की मांग दोहराई और आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।
अंकिता भंडारी केस में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
Dehradun: अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की CBI जांच की मांग को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। इसी कड़ी में चकराता विधायक एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह के नेतृत्व में सेलाकुई में कैंडल मार्च निकाला गया।
यह कैंडल मार्च सेलाकुई बाजार से शुरू होकर शहीद सतेंद्र चौक तक निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, स्थानीय नागरिक और युवा शामिल हुए। हाथों में मोमबत्तियां लेकर प्रदर्शनकारियों ने अंकिता को न्याय दो, CBI जांच कराओ और VIP को बचाना बंद करो जैसे नारे लगाए।
कैंडल मार्च को संबोधित करते हुए विधायक प्रीतम सिंह ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड केवल एक अपराध नहीं, बल्कि सत्ता संरक्षण का उदाहरण बन चुका है। सरकार इस पूरे मामले में किसी VIP को बचाने की कोशिश कर रही है, इसलिए सच्चाई सामने नहीं आने दी जा रही। उन्होंने कहा, अगर सरकार साफ है तो CBI जांच से क्यों डर रही है? आखिर किसे बचाने की कोशिश हो रही है?
प्रीतम सिंह ने उस महिला उर्मिला सनावर का भी जिक्र किया, जिन्होंने कथित रूप से ऑडियो के माध्यम से VIP का नाम उजागर किया था। उन्होंने कहा कि उर्मिला सनावर की जान को गंभीर खतरा है, लेकिन सरकार इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर सरकार के मंत्री प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जनता से सबूत मांग रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जो लोग सबूत सामने ला रहे हैं, उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार नहीं निभा रही। यह सरकार के दोहरे चरित्र को उजागर करता है।
कैंडल मार्च
कांग्रेस नेताओं ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि जब तक अंकिता भंडारी को न्याय नहीं मिलता, तब तक कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा। पार्टी कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ अंकिता के लिए नहीं, बल्कि उत्तराखंड की हर बेटी की सुरक्षा और न्याय के लिए है।
कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष CBI जांच कराई जाए, सभी दोषियों और साजिशकर्ताओं को सजा दी जाए और गवाहों और सच सामने लाने वालों को सुरक्षा दी जाए।
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कैंडल मार्च के दौरान स्थानीय लोगों में भी सरकार के प्रति नाराजगी देखने को मिली। कई लोगों ने कहा कि अंकिता भंडारी केस ने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों ने उम्मीद जताई कि दबाव बढ़ने पर सरकार को CBI जांच के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
कैंडल मार्च का समापन शहीद सतेंद्र चौक पर मौन रखकर किया गया। मोमबत्तियों की रोशनी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अंकिता भंडारी को श्रद्धांजलि दी और न्याय दिलाने का संकल्प दोहराया।