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एमबीए छात्र आशीष शुक्ला का शव छह दिन बाद गंगनहर से मिला। आशीष 11 फरवरी की शाम अपने दोस्तों के साथ गंगनहर के पास घूमने आया था। जहां पर अचानक ही उसका पैर फिसल गया था।
छह दिन बाद बरामद हुआ शव
Roorkee: आखिरकार तमाम कोशिशों के बाद आईआईटी रुड़की के एमबीए छात्र आशीष शुक्ला का शव छह दिन बाद गंगनहर से मिला है। आशीष 11 फरवरी की शाम अपने दोस्तों के साथ गंगनहर के पास घूमने आया था। जहां पर अचानक ही उसका पैर फिसल गया।
मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने गंगनहर में डूब रहे आशीष को बचाने के लिए कपड़ों की रस्सी बनाकर गंगनहर में फेंकी, लेकिन गंगनहर में गिरकर बदहवास हुआ आशीष रस्सी नहीं पकड़ पाया। चंद मिनट के भीतर ही गंगनहर में डूबकर लापता हो गया था। आशीष शुक्ला उत्तर प्रदेश के बलिया का रहने वाला था।
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हादसे के बाद जल पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छात्र की तलाश की। छात्र की तलाश के लिए गंगनहर खंगाली गई। पुलिस और जल पुलिस के द्वारा गंगनहर में सर्चिंग अभियान चलाकर आशीष शुक्ला की तलाश की जा रही थी।
तलाशी अभियान का मोर्चा कप्तान प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने संभाला। कप्तान ने घटनास्थल की जांच की। उन्होंने छात्र को ढूंढ़ रही टीमों को आवश्यक निर्देश दिए। कई घंटे तक घटनास्थल से लेकर गणेश पुल तक टीम ने छात्र की गंगनहर में तलाश की। सोमवार 16 फरवरी को तलाशी अभियान को और तेज करते हुए बड़ी संख्या में सेना व पुलिस को गंगनहर में उतारा गया।
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सोलानी पार्क से लेकर आसफनगर झाल तक कई घंटे मोटर बोट और गोताखोरों ने गंगनहर में छात्र की तलाश की। अभियान में गंगनहर को बंद भी किया गया ताकि कम पानी में छात्र के संबंध में कुछ सुराग हाथ लग पाए। आखिरकार छह दिन के बाद तलाशी अभियान कारगर साबित हो पाया।