हिंदी
जनस्वास्थ्य सुरक्षा और अस्पतालों में संक्रमण रोकथाम को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल के तहत आज इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और गोरखपुर ऑप्थाल्मिक संगठन के पदाधिकारियों की एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य अस्पतालों में इन्फेक्शन कंट्रोल व्यवस्था…पढिए पूरी खबर
इन्फेक्शन कंट्रोल पर बड़ी पह
गोरखपुर: जनस्वास्थ्य सुरक्षा और अस्पतालों में संक्रमण रोकथाम को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल के तहत आज इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और गोरखपुर ऑप्थाल्मिक संगठन के पदाधिकारियों की एक अहम बैठक आयोजित की गई। यह बैठक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा, बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. आर. के. जायसवाल तथा एडिशनल सीएमओ डॉ. ए. के. सिंह की मौजूदगी में सम्पन्न हुई।
घटनाओं को रोकने के लिए केवल दिशा-निर्देश जारी
बैठक का मुख्य उद्देश्य अस्पतालों में इन्फेक्शन कंट्रोल व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना तथा ऑपरेशन थिएटर (OT) में स्टैंडर्ड स्टेरलाइजेशन प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना था। चिकित्सकों ने इस बात पर सहमति जताई कि संक्रमण की घटनाओं को रोकने के लिए केवल दिशा-निर्देश जारी करना ही काफी नहीं है, बल्कि हर अस्पताल और क्लिनिक स्तर पर उसकी प्रभावी निगरानी और नियमित अनुपालन भी जरूरी है।
संक्रमण नियंत्रण से बढ़ी अस्पतालों की विश्वसनीयता
आईएमए की ओर से यह सुझाव रखा गया कि जिन संस्थानों में सर्जरी या अन्य शल्य क्रियाएं की जाती हैं, वहां साफ-सफाई, उपकरणों की स्टेरलाइजेशन प्रक्रिया, ऑपरेशन थिएटर की सैनिटाइजेशन व्यवस्था और मेडिकल स्टाफ के व्यवहारिक प्रोटोकॉल को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। विशेषज्ञों ने कहा कि संक्रमण नियंत्रण से न केवल मरीजों की सुरक्षा बढ़ती है बल्कि अस्पतालों की विश्वसनीयता और उपचार गुणवत्ता भी बेहतर होती है।
प्रभावी प्रणाली लागू
आईएमए सचिव डॉ. वाई सिंह ने बताया कि जल्द ही नेत्र सर्जन्स और आईएमए की संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा इस विषय पर विस्तृत मार्गदर्शन और व्यावहारिक सुझाव प्रस्तुत किए जाएंगे। इससे शहर के सभी चिकित्सीय संस्थानों में एक समान और प्रभावी प्रणाली लागू करने में मदद मिलेगी।
अखिलेश यादव ने कांग्रेस को बताया सरकार के खिलाफ लड़ने का तरीका, कहा- अगर पुलिस एक डंडा मारे तो…
बैठक में प्रतिनिधि मंडल के रूप में डॉ. शशांक कुमार, डॉ. आशुतोष शुक्ला, डॉ. आर. पी. शुक्ला, डॉ. एस. सोम और डॉ. दिनेश चंद्र मौजूद रहे। चिकित्सकों ने सामूहिक रूप से यह संदेश दिया कि संक्रमण रोकथाम केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं बल्कि चिकित्सा जगत की साझा जवाबदेही है।
बताया जा रहा है कि सिकरीगंज की हालिया घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सक संगठनों ने जनविश्वास बनाए रखने और उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए यह समन्वित पहल शुरू की है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की बैठकों से अस्पतालों में सुरक्षा मानकों का स्तर और अधिक मजबूत होगा तथा मरीजों को सुरक्षित, प्रभावी और भरोसेमंद इलाज मिल सकेगा।