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सोनभद्र जिले में पीडब्लूडी प्रांतीय खंड द्वारा कराए जा रहे सड़क निर्माण में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि घटिया सामग्री से बनाई जा रही सड़क जल्द ही खराब हो जाएगी। प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग की गई।
ग्रामीणों ने किया जोरदार विरोध
Sonbhadra: जिले में लोक निर्माण विभाग (पीडब्लूडी) प्रांतीय खंड द्वारा कराए जा रहे सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। गुरुवार को पन्नूगंज मेन रोड से ओरगाईं होते हुए निपनिया नहर तक लगभग तीन किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण में कथित अनियमितताओं को लेकर ग्रामीण भड़क उठे। आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क स्थल पर पहुंचकर जमकर नारेबाजी की और विरोध-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है और घटिया सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने कहा कि जिस तरह से सड़क का निर्माण किया जा रहा है, वह दो महीने भी नहीं टिक पाएगी। ग्रामीणों के अनुसार सड़क पर तारकोल का छिड़काव नाम मात्र का किया जा रहा है और उसे पेंटिंग की तरह फैलाकर काम पूरा दिखाया जा रहा है। न तो बेस की मजबूती पर ध्यान दिया जा रहा है और न ही मोटाई व गुणवत्ता का कोई मानक अपनाया जा रहा है। इससे आने वाले समय में सड़क के जल्द ही क्षतिग्रस्त होने की आशंका जताई जा रही है।
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ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण में गड़बड़ी को लेकर उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इतना ही नहीं, ग्रामीणों ने आईजीआरएस के माध्यम से मुख्यमंत्री कार्यालय तक भी शिकायत दर्ज कराई, इसके बावजूद निर्माण कार्य की गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं आया। इससे ग्रामीणों में विभाग के प्रति नाराजगी और बढ़ गई है।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने सड़क निर्माण कार्य में लगी संस्था पर भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है और गुणवत्ता से समझौता कर मनमानी की जा रही है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी ठेकेदार व संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही सड़क का निर्माण पूर्ण रूप से मानक और गुणवत्ता के अनुसार कराया जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण की गुणवत्ता में सुधार नहीं किया गया और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क क्षेत्र के लोगों के लिए आवागमन का प्रमुख साधन है और घटिया निर्माण से उनकी सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।
इस विरोध-प्रदर्शन में मुख्य रूप से लल्लू पटेल, सुनील कुमार सिंह, मुकेश कुमार सिंह, शिवनारायण सिंह, अनिल कुमार सिंह, संतोष कुमार, बलवंत पटेल, रामप्यारे पटेल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में सड़क निर्माण की गुणवत्ता सुधारने और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की मांग की।
फिलहाल ग्रामीणों के आक्रोश के बाद प्रशासन की भूमिका पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और ग्रामीणों को न्याय कब तक मिलता है।