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भीलवाड़ा में हरिशेवा उदासीन आश्रम के महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन ने दादू दयाल गौशाला समिति को गौसेवा और गौरक्षा अभियान के लिए 10,43,800 रुपये का चेक सौंपा। इस सहयोग से देशभर में गौरक्षा गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।
हरिशेवा उदासीन आश्रम की ओर से गौसेवा को बड़ा सहयोग
Bhilwara: हरिशेवा उदासीन आश्रम के महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन ने गौसेवा एवं गौरक्षा अभियान को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। गुरुवार, 29 जनवरी 2026 को उन्होंने दादू दयाल गौशाला समिति को दस लाख तैंतालीस हजार आठ सौ रुपये का चेक सौंपा। यह चेक हरिशेवा धर्मशाला की ओर से प्रदान किया गया, जिससे गौरक्षा अभियान के लिए वाहन व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
यह चेक जयपुर से आए श्री दादू दयाल संस्था के सचिव भानु प्रताप को सौंपा गया। कार्यक्रम के दौरान आश्रम परिसर में धार्मिक और सेवाभाव का वातावरण देखने को मिला। उपस्थित संतों और श्रद्धालुओं ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे गौसेवा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया।
उल्लेखनीय है कि 30 दिसंबर 2025 को महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन के जन्मोत्सव के अवसर पर आश्रम में एक भव्य गौसम्मान आह्वान अभियान सम्मेलन का आयोजन किया गया था। यह सम्मेलन महंत स्वामी प्रकाश दास महाराज की अध्यक्षता में संपन्न हुआ था। उसी अवसर पर स्वामी हंसराम जी महाराज ने भारतवर्ष में गौरक्षा अभियान को और अधिक सशक्त बनाने के लिए एक वाहन उपलब्ध कराने की घोषणा की थी।
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स्वामी हंसराम उदासीन ने बताया कि इस राशि से उपलब्ध कराया जाने वाला वाहन देशभर में गौसेवा, गौरक्षा और इससे जुड़े प्रचार-प्रसार कार्यों में उपयोग किया जाएगा। यह वाहन गौशालाओं तक सहायता पहुंचाने, गौवंश संरक्षण से जुड़े अभियानों और जागरूकता कार्यक्रमों में अहम भूमिका निभाएगा। इससे गौरक्षा अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलेगी।
महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन ने यह भी घोषणा की कि वाहन के ड्राइवर और संचालन से जुड़े खर्च, जैसे ईंधन और रखरखाव के लिए अलग से ₹5 लाख का चेक भी शीघ्र प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे अभियान बिना किसी रुकावट के निरंतर और सुचारु रूप से चलता रहेगा तथा गौसेवा के कार्यों को दीर्घकालिक समर्थन मिलेगा।
इस अवसर पर हरिशेवा उदासीन आश्रम के संत मयाराम, संत गोविन्दराम, ब्रह्मचारी इंद्रदेव सहित अनेक संत उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कुनाल, सिद्धार्थ, मिहिर, आश्रम सचिव हेमंत वच्छानी, हीरालाल गुरनानी, पुरुषोत्तम परियानी, हेमनदास भोजवानी भी शामिल हुए।
सनातन सेवा समिति के सुरेश गोयल, रमेश मूंदड़ा, सुनील जागटिया, बाबूलाल टाक, गजेंद्र सिंह राठौड़, दिनेश सुथार सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और श्रद्धालु भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में इस पहल को गौसेवा के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम बताया और स्वामी हंसराम उदासीन के सेवा भाव की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
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कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में गौसंरक्षण एक सामाजिक और सांस्कृतिक जिम्मेदारी है। हरिशेवा उदासीन आश्रम द्वारा दिया गया यह सहयोग न केवल एक आर्थिक सहायता है, बल्कि समाज को गौसेवा के लिए प्रेरित करने वाला संदेश भी है। संतों और श्रद्धालुओं ने विश्वास जताया कि इस पहल से देशभर में गौरक्षा अभियान को नई दिशा और गति मिलेगी।