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मैनपुरी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। गुरुवार को बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं कचहरी परिसर में एकत्रित हुईं और सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का जोरदार प्रदर्शन,
Mainpuri: मैनपुरी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। गुरुवार को बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं कचहरी परिसर में एकत्रित हुईं और सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
प्रदर्शन के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं का कहना था कि वे वर्षों से अल्प मानदेय और असुरक्षित भविष्य के साथ काम कर रही हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रही है। उनका आरोप है कि उनसे नियमित कर्मचारियों की तरह काम तो लिया जाता है, लेकिन अधिकार नहीं दिए जाते।
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की प्रमुख मांग है कि उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। इसके साथ ही मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि, भविष्य निधि (PF), पेंशन, ग्रेच्युटी, महंगाई भत्ता (DA) और अन्य वैधानिक लाभ प्रदान किए जाएं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे महिलाओं और बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य के लिए अहम भूमिका निभा रही हैं, फिर भी उन्हें न्यूनतम सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं।
प्रदर्शन कर रही कार्यकर्ताओं ने कहा कि आंगनबाड़ी सहायिकाओं और कार्यकर्ताओं की मांगें कई दशकों से लंबित हैं। हर बार आश्वासन तो दिए जाते हैं, लेकिन धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। इससे कार्यकर्ताओं में गहरा रोष व्याप्त है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो वे पोषण ट्रैकर सहित समस्त ऑनलाइन कार्य बंद कर देंगी। इससे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर सीधा असर पड़ेगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
कार्यकर्ताओं ने यह भी घोषणा की कि मांगें नहीं मानी गईं तो मार्च 2026 में लखनऊ में कलम बंद हड़ताल की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन सरकार को झुकाने के लिए वे बड़े स्तर पर संघर्ष करने को मजबूर होंगी।
प्रदर्शन के अंत में प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए मांगों को गंभीरता से शासन तक पहुंचाने की अपील की। अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।