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उझानी थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। आरोप है कि गांव के ही हिस्ट्रीशीटर युवक शिवराज पुत्र रामदास ने 14 वर्षीय किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाकर चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया… पढ़ें पूरी खबर
किशोरी से हैवानियत
Budaun: बदायूं के उझानी थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। आरोप है कि गांव के ही हिस्ट्रीशीटर युवक शिवराज पुत्र रामदास ने 14 वर्षीय किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाकर चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया और फिर नशे की हालत में उसके साथ कई बार जबरदस्ती दुष्कर्म किया। विरोध करने पर किशोरी के साथ बेरहमी से मारपीट की गई और धमकी दी गई कि अगर घर में कुछ बताया तो उसके भाई की हत्या कर दी जाएगी।
कैसे घटी वारदात?
परिजनों के अनुसार, 16 मार्च 2026 (रविवार) की सुबह लगभग 10 बजे पीड़िता घर पर अकेली थी; परिवार के अन्य सदस्य खेतों में काम करने गए थे। पीड़िता पास मिट्टी लेने गई थी। इसी दौरान गांव का ही शिवराज उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। आरोपी उसे एक मकान में ले गया, जहाँ चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया गया। किशोरी को नशा होते ही आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती की। पीड़िता ने विरोध किया तो उसे बुरी तरह पीटा गया। आरोपी ने धमकी दी अगर किसी को बताया तो तेरे भाई को मार दूँगा।
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बदहवास हालत में सड़क पर छोड़ा...
परिजनों ने बताया कि अगले दिन (17 मार्च) आरोपी ने किशोरी को बदहवास हालत में सड़क किनारे छोड़ दिया। वहाँ से गुजर रहे एक बस चालक ने हालत देख उसे उझानी थाने पहुँचाया। इधर परिवार वाले रातभर तलाश करते रहे। गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाने जब वे थाने पहुँचे तो पता चला कि पीड़िता पहले से थाने में मौजूद है। पीड़िता ने परिजनों को आपबीती सुनाई, जिसके बाद परिवार ने थाना उझानी में लिखित शिकायत दी।
थाने पर FIR व मेडिकल न होने का आरोप
परिवार का आरोप है कि थाना पुलिस ने न तो प्राथमिकी (FIR) दर्ज की और न ही पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया। किशोरी अभी भी बदहवास व सहमी हुई स्थिति में है। परिजनों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) बदायूँ को संबोधित प्रार्थना पत्र देकर तत्काल FIR दर्ज करने, मेडिकल कराने तथा आरोपी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की माँग की है।
आरोपी का आपराधिक इतिहास
ग्रामीणों व परिजनों के अनुसार, आरोपी शिवराज क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर है और उसके विरुद्ध पहले से कई आपराधिक मुकदमे चल रहे हैं। उसके ख़ौफ़ के कारण लोग गवाही देने से कतराते हैं। इसी वजह से पीड़ित परिवार को इंसाफ़ मिलने में अड़चन आ रही है।
परिजनों की मांग
परिवार ने मांग की है कि पीड़िता की शिकायत पर तत्काल FIR (आवश्यक हो तो Zero FIR) दर्ज की जाए। सरकारी अस्पताल में अविलंब मेडिकल परीक्षण कराया जाए व बयान महिला पुलिस अधिकारी द्वारा दर्ज किया जाए। आरोपी शिवराज के विरुद्ध पॉक्सो (POCSO) अधिनियम सहित सुसंगत धाराओं में कड़ी कार्रवाई हो और पीड़िता व परिवार को सुरक्षा दी जाए।