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झारखंड के देवघर में एटीएम कार्ड फंसाकर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गैंग ग्राहकों का पिन हासिल कर खातों से पैसे निकाल लेता था।
देवघर में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा (Img- Internet)
Deoghar: झारखंड के देवघर जिले से साइबर अपराध का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां एटीएम कार्ड फंसाकर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में चार शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
देवघर पुलिस को इस गिरोह के बारे में गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर साइबर थाना की टीम ने विशेष अभियान चलाया। तकनीकी जांच और लगातार निगरानी के बाद पुलिस ने छापेमारी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस सफलता को पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम देता था। आरोपी पहले एटीएम मशीन में छेड़छाड़ कर देते थे, जिससे ग्राहक का कार्ड अंदर ही फंस जाता था। इसके बाद वे खुद को मददगार बताकर पीड़ित से पिन नंबर हासिल कर लेते थे और कुछ ही मिनटों में खाते से पैसे निकाल लेते थे।
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पुलिस के अनुसार, यह गिरोह केवल देवघर तक सीमित नहीं था, बल्कि झारखंड और बिहार के कई जिलों में सक्रिय था। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस ने इस पर विशेष टीम गठित कर कार्रवाई की। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह के अन्य सदस्य अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
पुलिस कार्यालय
पुलिस अधीक्षक सौरभ ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, कई एटीएम कार्ड और ठगी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए गए हैं। इन सामानों के आधार पर पुलिस अब और मामलों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि एटीएम का उपयोग करते समय विशेष सावधानी बरतें। किसी अनजान व्यक्ति से मदद लेने से बचें और यदि कार्ड फंस जाए तो तुरंत बैंक या पुलिस को सूचित करें। सतर्कता ही ऐसे साइबर अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।
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फिलहाल सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा कर लिया जाएगा।