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सोनभद्र जिले के रायपुर थाना क्षेत्र के सिकरवार गांव में डॉ भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त मिलने से ग्रामीणों में रोष फैल गया। घटना रात के समय की बताई जा रही है। पुलिस जांच में जुटी है और गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।
अंबेडकर प्रतिमा के साथ हुई घटना के बाद एकत्र हुए ग्रामीण
Sonbhadra: जिले के रायपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत सिकरवार में संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को अज्ञात शरारती तत्वों ने खंडित कर दिया। यह घटना बीती रात उस समय हुई, जब गांव के अधिकांश लोग अपने घरों में सो रहे थे। सुबह प्रतिमा खंडित होने की जानकारी मिलते ही गांव में आक्रोश फैल गया और देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।
प्रतिमा खंडित किए जाने की घटना से ग्रामीणों की भावनाएं आहत हुई हैं। पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं भी अंबेडकर प्रतिमा स्थल पर पहुंचीं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने लगीं। ग्रामीणों का कहना है कि बाबा साहब केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि संविधान और सामाजिक न्याय के प्रतीक हैं। उनकी प्रतिमा को नुकसान पहुंचाना सीधे तौर पर समाज को तोड़ने और शांति भंग करने का प्रयास है।
घटना की सूचना मिलते ही सरई गढ़ चौकी प्रभारी राहुल पांडेय तत्काल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को शांत कराने का प्रयास किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। इसके बाद रायपुर थाना प्रभारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों से घटना के संबंध में जानकारी जुटाई। पुलिस ने कहा कि हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।
ग्रामीण बिक्रम हरिजन ने कहा कि पुलिस को सबसे पहले दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, उसके बाद ही नई अंबेडकर प्रतिमा स्थापित की जाए। बलवंत हरिजन, छैबर राम और शांता राम सहित अन्य ग्रामीणों ने भी प्रशासन से यही मांग दोहराई। ग्रामीणों का कहना है कि केवल नई प्रतिमा लगवाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलेगी।
अंबेडकर प्रतिमा को लेकर गांव में बढ़ी हलचल
नितेश नामक युवक ने घटना पर कड़ा आक्रोश जताते हुए कहा कि डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा को खंडित करना संविधान का विरोध है। जो व्यक्ति संविधान का विरोध करता है, वह देशद्रोही है। उन्होंने मांग की कि इस मामले में उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की हरकत करने से पहले सौ बार सोचे।
ग्रामीणों में इस बात को लेकर भी आशंका है कि कहीं पुलिस केवल नई प्रतिमा लगवाकर मामले को शांत करने का प्रयास न करे। उन्होंने कुछ माह पहले कम्हरिया गांव में हुई ऐसी ही घटना का उदाहरण दिया, जहां प्रतिमा तो दोबारा लगवा दी गई, लेकिन दोषी आज तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। इसी कारण ग्रामीण इस बार कार्रवाई को लेकर अड़े हुए हैं।
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सूत्रों के अनुसार, यह घटना आगामी पंचायत चुनाव को देखते हुए गांव में तनाव फैलाने की साजिश भी हो सकती है। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले अंबेडकर प्रतिमा के पास ग्राम पंचायत निधि से सरकारी भवन का निर्माण कराया जा रहा था, जिसका ग्रामीणों ने विरोध कर कार्य रुकवा दिया था। इसके बाद प्रतिमा खंडित होने से कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है और गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।