UGC Rules के खिलाफ ब्राह्मणों का महराजगंज में उग्र प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम DM को सौंपा शिकायती पत्र

महराजगंज में यूजीसी प्राविधान-2026 के विरोध में सवर्ण समाज और ब्राह्मण संगठनों ने उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर नए नियमों को सवर्ण छात्रों के साथ भेदभावपूर्ण बताया।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 27 January 2026, 1:36 PM IST
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Maharajganj: केन्द्र सरकार द्वारा प्रस्तावित यूजीसी प्राविधान-2026 को लेकर सवर्ण समाज में भारी असंतोष देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को महराजगंज जिला मुख्यालय पर सनातन ब्राह्मण महासंस्था ट्रस्ट, ब्राह्मण समाज एवं सवर्ण समाज से जुड़े लगभग एक दर्जन संगठनों के सैकड़ों पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी महराजगंज के माध्यम से सौंपते हुए यूजीसी के नए प्राविधानों को तत्काल वापस लेने की मांग की।

The protesters handed over a memorandum addressed to the President to the District Magistrate

प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा

सवर्ण छात्रों के साथ भेदभाव का आरोप

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यूजीसी द्वारा प्रस्तावित नए प्राविधान सामान्य (सवर्ण) वर्ग के छात्र-छात्राओं के शैक्षिक अधिकारों और समान अवसरों पर सीधा प्रभाव डालते हैं। उनका आरोप है कि यह प्राविधान योग्यता आधारित शिक्षा प्रणाली को कमजोर करने वाले हैं, जिससे मेहनती और प्रतिभावान छात्रों के भविष्य पर संकट खड़ा हो सकता है।

राजपत्र में प्रकाशित नियमों पर उठाए सवाल

ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि 13 जनवरी 2026 को प्रकाशित राजपत्र संख्या-40/सीबीडीएलअ 130/2026-269317 में शामिल नियम समतामूलक भावना के अनुरूप नहीं हैं। सवर्ण समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि इन प्राविधानों से सामान्य वर्ग के छात्रों के साथ भेदभाव की स्थिति उत्पन्न होगी, जिससे समाज में असंतोष और वैमनस्य बढ़ सकता है।

शिक्षा नीति से सामाजिक संतुलन बिगड़ने की आशंका

सवर्ण समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र की प्रगति की रीढ़ होती है। अगर शिक्षा नीति योग्यता और समान अवसर के सिद्धांतों से हटकर बनाई जाती है, तो इसके दूरगामी नकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने आशंका जताई कि ऐसे नियम सामाजिक संतुलन को बिगाड़ सकते हैं और देश में आंतरिक मतभेदों को जन्म दे सकते हैं, जो राष्ट्रहित के खिलाफ है।

हिन्दू समाज को विभाजित करने का आरोप

सनातन ब्राह्मण महासंस्था ट्रस्ट एवं सवर्ण समाज के नेताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रस्तावित यूजीसी प्राविधान हिन्दू समाज को विभाजित करने वाले हैं। इससे विभिन्न वर्गों के बीच अविश्वास की भावना बढ़ेगी। उन्होंने सरकार से मांग की कि ऐसे किसी भी प्रयास को रोका जाए, जो समाज में विभाजन और तनाव पैदा करे।

राष्ट्रपति से पुनर्विचार की अपील

अंत में महामहिम राष्ट्रपति से विनम्र आग्रह किया गया कि उक्त राजपत्र में वर्णित प्राविधानों पर पुनर्विचार कर उन्हें वापस लिया जाए और ऐसी शिक्षा नीति लागू की जाए, जो सभी वर्गों के लिए समान, न्यायसंगत और पूरी तरह योग्यता आधारित हो, ताकि देश में सामाजिक सौहार्द और एकता बनी रहे।

प्रदर्शन के दौरान ये रहे मौजूद

इस मौके पर अनुभव पांडेय, अवधेश पांडेय, मानवेंद्र शुक्ला, दीपू तिवारी, आशुतोष शुक्ला, आशुतोष तिवारी, वरुण दुबे, बृजेश मणि त्रिपाठी, संजय मणि त्रिपाठी, मयंक, उमेश त्रिपाठी, नर्धेश्वर शुक्ला, राजू मिश्रा, संजय पांडेय, अवधेश पांडेय, आशुतोष त्रिपाठी,राकेश पांडेय, सुनील पाठक, बृजेश चतुर्वेदी, राजू द्विवेदी, सुशील तिवारी, संजय शुक्ला, हेमंत सिंह, रमेश पाठक, सुधीर श्रीवास्तव, अमरेंद्र चौरसिया, रघुवंश मणि, सुनील सिंह, अमरिंदर सिंह, हेमंत श्रीवास्तव, आशीष कसौधन, आदि सैकड़ो संख्या में लोग मौजूद रहे।

Location : 
  • Maharajganj

Published : 
  • 27 January 2026, 1:36 PM IST

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