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सोलर पैनल
Lucknow: उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के लोगों के लिए सोलर पैनल लगाने की प्रक्रिया को और सरल व किफायती बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब सोलर पैनल लगाने वाले उपभोक्ताओं को आवेदन शुल्क और रजिस्ट्रेशन शुल्क से पूरी तरह मुक्ति दी गई है। इससे उपभोक्ताओं को 1250 रुपये का सीधा फायदा होगा। इसके साथ ही मीटर जांच के लिए लिए जाने वाला 400 रुपये का शुल्क भी माफ कर दिया गया है। इस तरह जो उपभोक्ता खुद मीटर खरीद कर जांच कराते हैं, उन्हें कुल मिलाकर 1650 रुपये की बचत होगी।
प्रदेश में प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत 15 फरवरी 2024 को इस योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। इसका उद्देश्य घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर पैनल लगाकर स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना है। इस योजना के तहत सोलर पैनल की कुल लागत का 40 प्रतिशत तक की सब्सिडी भी दी जाती है।
सोलर पैनल
पहले उपभोक्ताओं से आवेदन शुल्क के रूप में 250 रुपये और पंजीकरण शुल्क के तौर पर 1000 रुपये लिए जाते थे। साथ ही नेट मीटर जांच के लिए 400 रुपये की फीस भी लागू थी। लेकिन अब बिजली विभाग ने इन सभी शुल्कों को समाप्त कर दिया है। इसके अलावा इंटरकनेक्शन या नेट मीटरिंग एग्रीमेंट की जरूरत भी खत्म कर दी गई है, जिससे प्रक्रिया और भी आसान हो गई है।
पावर कार्पोरेशन के निदेशक (वाणिज्य) प्रशांत वर्मा ने इस संबंध में आदेश जारी कर सभी विद्युत वितरण निगमों के निदेशकों को उपभोक्ताओं को इन छूटों का लाभ तुरंत देने के निर्देश दिए हैं। इससे प्रदेश में सोलर पैनल की मांग और स्थापना बढ़ेगी और स्वच्छ ऊर्जा के प्रयोग को प्रोत्साहन मिलेगा। यह बदलाव न केवल आर्थिक रूप से उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मददगार साबित होगा। राज्य सरकार की यह पहल ऊर्जा के क्षेत्र में नई क्रांति लेकर आएगी और बिजली बचत के साथ-साथ प्रदूषण कम करने में भी मदद करेगी।
उपभोक्ता भी अब आसानी से अपनी छत पर सोलर पैनल लगवाकर बिजली बिल में बचत कर सकते हैं और स्वच्छ ऊर्जा का लाभ उठा सकते हैं। यह योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में समान रूप से लागू होगी। इस निर्णय से प्रदेश के लाखों परिवारों को स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
Location : Lucknow
Published : 1 September 2025, 5:50 PM IST