“फुल-टाइम DGP बनते ही एक्शन मोड में Rajeev Krishan, बोले अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस जारी”

उत्तर प्रदेश के पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) बनने के बाद राजीव कृष्ण ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 1 June 2026, 9:18 PM IST
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Lucknow: उत्तर प्रदेश के पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) बनने के बाद राजीव कृष्ण ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई अपराधी पुलिस पर गोली चलाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए एनकाउंटर भी किया जाएगा। साथ ही समाज के हर वर्ग को सुरक्षा का भरोसा दिलाना पुलिस की प्राथमिकता है।

सोमवार को पुलिस मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए डीजीपी ने कहा कि महिलाओं और व्यापारियों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी थानों में शक्ति केंद्रों की स्थापना के बाद महिला पीड़ितों को त्वरित न्याय मिल रहा है, जिसके परिणामस्वरूप महिलाओं के खिलाफ अपराधों में लगभग 33 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।

साइबर अपराध रोकने के लिए एआई का सहारा

डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि प्रदेश में साइबर अपराध के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। इससे प्रभावी ढंग से निपटने के लिए 62 हजार पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हाल के समय में साइबर अपराध से संबंधित मामलों में 400.66 करोड़ रुपये की धनराशि फ्रीज की गई है। भविष्य में साइबर अपराधों की रोकथाम और जांच को और प्रभावी बनाने के लिए पुलिस कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद भी लेगी।

नए कानूनों को प्रभावी बनाने पर जोर

भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा करते हुए डीजीपी ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत आपराधिक मामलों की विवेचना 60 से 90 दिनों के भीतर पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

डिजिटल साक्ष्य पर रहेगा जोर

राजीव कृष्ण ने बताया कि ई-साक्ष्य प्रणाली के माध्यम से डिजिटल और वैज्ञानिक साक्ष्यों के संकलन, संरक्षण, प्रमाणीकरण तथा न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया को अधिक विश्वसनीय और प्रभावी बनाया जा रहा है।

उन्होंने जानकारी दी कि मार्च 2026 तक प्रदेश में दर्ज 10.93 लाख एफआईआर के मुकाबले 10.65 लाख डिजिटल साक्ष्य आईडी तैयार की जा चुकी हैं, जबकि 6.07 लाख एफआईआर को इनसे सफलतापूर्वक जोड़ा गया है। इसके अलावा, 1 दिसंबर 2024 से 22 मई 2026 तक पुलिस द्वारा कुल 4,96,506 ई-समन जारी किए गए हैं।

डीजीपी ने कहा कि तकनीक आधारित पुलिसिंग, त्वरित न्याय और अपराध नियंत्रण के माध्यम से प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा।

Location :  Lucknow

Published :  1 June 2026, 9:08 PM IST

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