Deoria: “मैं उन्हें मरने नहीं दूंगा” देवरिया के 12 साल के रौनक की ये आखिरी जांबाजी आपके आंसू निकाल देगी

देवरिया के भटनी थाना क्षेत्र के प्यासी गांव में 12 वर्षीय रौनक खट्टीक ने कोईलार नाले में डूब रहे दो मासूम बच्चों की जान बचाने के लिए अपनी जान की परवाह नहीं की। दोनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद वह खुद गहरे पानी में डूब गया। पूरे क्षेत्र में शोक है।

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 25 July 2026, 1:02 PM IST
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Deoria: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भटनी थाना क्षेत्र के ग्राम सभा प्यासी (नोनिया टोला) गांव में मानवता, साहस और त्याग की एक ऐसी मिसाल सामने आई, जिसने पूरे क्षेत्र की आंखें नम कर दीं। प्यासी गांव के रौनक खट्टीक पुत्र जसवंत खट्टीक उम्र 12 वर्ष ने अपनी जान की परवाह किए बिना कोईलार नाले में डूब रहे कुंदन एवं पीयूष दो मासूम बच्चों की जान बचा ली, लेकिन इस नेक कार्य के दौरान स्वयं गहरे पानी में समा गया।

दो बच्चों को बचाने के लिए बिना सोचे नाले में कूद पड़ा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाले में डूब रहे कुंदन और पीयूष को देखकर रौनक खट्टीक बिना एक पल गंवाए पानी में कूद पड़ा। उसने अथक प्रयास करते हुए दोनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल दिया। दोनों की जान बच गई, लेकिन इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। काफी देर तक चले खोजबीन अभियान के बाद ग्रामीणों ने उसे बाहर निकाला और रात करीब 8:00 बजे सीएससी सलेमपुर ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

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अस्पताल में मृत घोषित

घटना की सूचना मिलते ही भटनी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के अनुसार, परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए शव को अपने साथ घर ले गए। थाना प्रभारी वी एन कुमार सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिली थी, लेकिन परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार करते हुए शव अपने साथ ले लिया।

बहादुरी को लोग कर रहे नमन

इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। हर किसी की जुबान पर रौनक खट्टीक की बहादुरी और निस्वार्थ सेवा की चर्चा है। ग्रामीणों का कहना है कि उसने अपने प्राणों की परवाह किए बिना दो परिवारों की खुशियां बचा लीं। उसका यह बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।

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मरणोपरांत सम्मान की उठी मांग

रौनक खट्टीक ने यह साबित कर दिया कि सच्चा इंसान वही है, जो दूसरों की जान बचाने के लिए अपने प्राणों की भी चिंता न करे। समाज ऐसे साहसी और नेकदिल किशोर पर गर्व करता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस वीर किशोर के परिवार को मरणोपरांत स्थिति के बाद हृदय द्रवित परिवार जनो को सम्मानित किया जाए, ताकि उसका साहस आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन सके।

Location :  Deoria

Published :  25 July 2026, 1:02 PM IST

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