CJP Protest: सिर्फ प्रदर्शन नहीं था? दिल्ली पुलिस के बड़े खुलासे ने बढ़ाए सवाल, 2000 से ज्यादा संदिग्धों की पहचान का दावा

दिल्ली में हुए हालिया प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने कई बड़े दावे किए हैं। पुलिस का कहना है कि भीड़ में बड़ी संख्या में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोग शामिल थे और आधुनिक तकनीक से उनकी पहचान की गई है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 25 July 2026, 2:47 PM IST
google-preferred

New Delhi: दिल्ली में हाल ही में हुए प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने कई अहम जानकारियां साझा की हैं। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान भीड़ में ऐसे लोग भी शामिल थे जिनका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। पुलिस का दावा है कि फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) की मदद से 2000 से अधिक ऐसे लोगों की पहचान की गई है।

पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

130 पुलिसकर्मी घायल, 15 एफआईआर दर्ज

दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कई जगह पुलिसकर्मियों पर हमला किया गया। इन घटनाओं में करीब 130 पुलिसकर्मी घायल हुए। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब तक 15 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी मामलों की अलग-अलग जांच की जा रही है और जिन लोगों की पहचान हुई है, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

NEET Paper Leak Foreign Social Media Accounts: 20 हजार संदिग्ध अकाउंट्स पर एजेंसियों की नजर, क्या था पूरा नेटवर्क?

फेशियल रिकग्निशन सिस्टम से हुई पहचान

जांच में पुलिस ने आधुनिक फेशियल रिकग्निशन सिस्टम का इस्तेमाल किया। इस तकनीक के जरिए प्रदर्शन के दौरान मौजूद लोगों की तस्वीरों और वीडियो का उपलब्ध रिकॉर्ड से मिलान किया गया। पुलिस का दावा है कि इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में ऐसे लोगों की पहचान हुई, जिनके खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं। अधिकारियों का कहना है कि तकनीक के इस्तेमाल से जांच की रफ्तार तेज हुई है और संदिग्धों तक पहुंचना आसान हुआ है।

सोशल मीडिया की अफवाहों पर भी नजर

दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन से जुड़ी कई वायरल पोस्ट और वीडियो को लेकर भी बयान जारी किया है। पुलिस के अनुसार, एक महिला की मौत का दावा गलत पाया गया है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ वीडियो, जिनमें सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से जुड़ा वीडियो भी शामिल बताया गया, उन्हें भ्रामक बताया गया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि किसी भी पोस्ट या वीडियो पर भरोसा न करें।

बड़ी खबर: जंतर मंतर समेत आसपास के क्षेत्रों में बड़ा बवाल, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले, प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज

400 फेक हैंडल की पहचान का दावा

पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान करीब 400 ऐसे सोशल मीडिया हैंडल की पहचान की गई है, जिनके जरिए भ्रामक जानकारी फैलाने की कोशिश की गई। शुरुआती जांच में कुछ फर्जी अकाउंट विदेश से संचालित होने की आशंका भी जताई गई है। इसके अलावा सेना से जुड़े डीपफेक वीडियो और एडिटेड कंटेंट पर भी नजर रखी जा रही है। साइबर विशेषज्ञ इन मामलों की जांच कर रहे हैं।

लोगों से की गई खास अपील

दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी वायरल वीडियो, फोटो या संदेश को साझा करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें। पुलिस का कहना है कि गलत जानकारी न सिर्फ भ्रम फैलाती है, बल्कि कानून-व्यवस्था पर भी असर डाल सकती है।

Location :  New Delhi

Published :  25 July 2026, 2:47 PM IST

Related News

Advertisement