सत्य निकेतन बिल्डिंग कांड: MCD ने की 1100 PG की जांच, जानें कितनी बिल्डिंग टूटेंगी?

सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे के बाद MCD ने दिल्ली में अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है। पिछले दो दिनों में 1100 PG की जांच की गई, 24 संपत्तियों पर डिमोलिशन और 7 पर सीलिंग की कार्रवाई हुई। जानिए MCD की पूरी कार्रवाई।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 8 September 2026, 8:53 PM IST
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New Delhi: दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे के बाद नगर निगम (MCD) ने राजधानी में अवैध निर्माण और नियमों की अनदेखी करने वाली संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। 6 सितंबर को हुए हादसे के बाद MCD ने पिछले दो दिनों में करीब 1100 पेइंग गेस्ट (PG) की जांच की है। इन PG में करीब 20,250 छात्र रह रहे हैं। सर्वे के दौरान निगम की टीमों ने कई जगहों पर निर्माण संबंधी नियमों के उल्लंघन और सुरक्षा मानकों की कमी पाई। इसके बाद MCD ने कई संपत्तियों के खिलाफ डिमोलिशन और सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी है।

24 संपत्तियों पर चला बुलडोजर, 7 सील

MCD की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, पिछले दो दिनों में 24 संपत्तियों पर डिमोलिशन की कार्रवाई की गई है, जबकि 7 संपत्तियों को सील किया गया है। इसके अलावा अलग-अलग मामलों में 35 शो-कॉज नोटिस जारी किए गए हैं। नगर निगम ने 6 सीलिंग शो-कॉज नोटिस भी जारी किए हैं। वहीं, 27 संपत्तियों के खिलाफ डिमोलिशन ऑर्डर जारी किए गए हैं। MCD का कहना है कि यह कार्रवाई राजधानी में अवैध निर्माण और असुरक्षित इमारतों की पहचान के लिए चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है।

सत्य निकेतन में कमजोर इमारत गिराने की कार्रवाई शुरू

सत्य निकेतन हादसे के बाद अब हादसे वाली इमारत के पास मौजूद एक अन्य कमजोर बिल्डिंग को गिराने का काम भी शुरू कर दिया गया है। इस इमारत की मजबूती को लेकर पहले ही चिंता जताई गई थी। MCD कमिश्नर संजीव खिरवार ने बताया था कि हादसे वाली इमारत से सटी बिल्डिंग कमजोर हो गई है। इसे सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, आसपास की इमारतों की भी जांच की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

PG और इमारतों की सुरक्षा पर MCD की नजर

सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD अब राजधानी में चल रहे PG और अन्य व्यावसायिक इमारतों की जांच कर रहा है। निगम का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि इन संपत्तियों में निर्माण और संचालन के दौरान तय नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं। खासकर उन इलाकों पर नजर रखी जा रही है जहां बड़ी संख्या में छात्र और किरायेदार रहते हैं। MCD यह भी जांच कर रहा है कि इमारतों में सुरक्षा व्यवस्था, निर्माण अनुमति और इस्तेमाल के नियमों का पालन हो रहा है या नहीं।

तीन महीने में 959 संपत्तियों पर कार्रवाई

MCD ने अवैध निर्माण के खिलाफ पिछले तीन महीनों में भी बड़े स्तर पर अभियान चलाया है। निगम की एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) के मुताबिक, 1 जून से 31 अगस्त के बीच 959 संपत्तियों पर डिमोलिशन की कार्रवाई की गई। वहीं, 1 जून से 8 सितंबर के बीच 471 संपत्तियों को सील किया गया है। इस दौरान अनधिकृत निर्माण के मामलों में 1551 शो-कॉज नोटिस जारी किए गए और 753 डिमोलिशन ऑर्डर जारी हुए।

8 सितंबर को भी जारी रहा अभियान

MCD की कार्रवाई 8 सितंबर को भी जारी रही। एक दिन में 17 संपत्तियों पर डिमोलिशन एक्शन लिया गया, जबकि 5 संपत्तियों को सील किया गया। इसके अलावा अनधिकृत निर्माण से जुड़े 9 और सीलिंग से संबंधित 2 शो-कॉज नोटिस जारी किए गए। सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD की सख्ती से साफ है कि निगम अब अवैध निर्माण और असुरक्षित इमारतों को लेकर कोई लापरवाही नहीं बरतना चाहता। राजधानी में PG और बिल्डिंग सुरक्षा को लेकर यह अभियान आगे भी जारी रहने की उम्मीद है।

Location :  New Delhi

Published :  8 September 2026, 8:53 PM IST

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