सत्य निकेतन बिल्डिंग कांड: बिल्डिंग मालिक के बेटे ने उगला गहरा राज, बताया कि हादसे से पहले क्या-क्या गलती की?

दिल्ली के सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में पुलिस जांच तेज हो गई है। आरोपी बिल्डिंग मालिक के बेटे महेश ने पूछताछ में बताया कि हादसे से पहले बेसमेंट में मरम्मत और ग्राउंड फ्लोर पर निर्माण कार्य चल रहा था। पुलिस ने लेबर कॉन्ट्रैक्टर को भी गिरफ्तार कर लिया है।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 8 September 2026, 9:14 PM IST
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New Delhi: दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे की जांच अब तेजी से आगे बढ़ रही है। हादसे में आरोपी बिल्डिंग मालिक हरिराम के बेटे महेश से पूछताछ के दौरान पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं। पुलिस के मुताबिक, महेश ने बताया कि हादसे के बाद वह अपने परिवार के साथ राजस्थान के भिवाड़ी चला गया था। उसने यह भी खुलासा किया कि बिल्डिंग के मेंटेनेंस की जिम्मेदारी वही संभाल रहा था और अगस्त 2025 में इमारत को ‘हॉस्टल डेज’ पीजी ऑपरेटर्स को लीज पर दिया गया था।

हादसे से पहले बेसमेंट में चल रहा था काम

पुलिस पूछताछ में महेश ने बताया कि हादसे से करीब 8 से 10 दिन पहले बेसमेंट में मरम्मत का काम शुरू किया गया था। बारिश के मौसम में बेसमेंट में कचरा जमा होने और सफाई से जुड़े काम के लिए यह मरम्मत कराई जा रही थी। इसके अलावा ग्राउंड फ्लोर पर कमर्शियल इस्तेमाल के लिए विस्तार का काम भी चल रहा था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि निर्माण और मरम्मत के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

सूचना मिलते ही परिवार के साथ भिवाड़ी भागा

महेश के मुताबिक, हादसे वाले दिन उसे और उसके परिवार को स्थानीय लोगों के जरिए बिल्डिंग गिरने की जानकारी मिली थी। सूचना मिलने के बाद वह तुरंत घर से निकला और राजस्थान के भिवाड़ी स्थित अपनी ससुराल चला गया। पुलिस अब महेश की हिरासत में पूछताछ कर हादसे की असली वजह और लापरवाही से जुड़े पहलुओं की जानकारी जुटा रही है।

कासगंज से पकड़ा गया लेबर कॉन्ट्रैक्टर

इस मामले में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मरम्मत और निर्माण कार्य से जुड़े लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज को उत्तर प्रदेश के कासगंज से पकड़ लिया है। उसे पूछताछ के लिए दिल्ली लाया जा रहा है। पुलिस सनोज से यह जानने की कोशिश करेगी कि हादसे से पहले इमारत में किस तरह का काम चल रहा था और क्या निर्माण के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी की गई थी।

मालिक और पत्नी न्यायिक हिरासत में

इससे पहले अदालत ने आरोपी बिल्डिंग मालिक हरिराम और उर्मिला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं, महेश को दो दिन की पुलिस कस्टडी मिली है।पुलिस अब महेश, कॉन्ट्रैक्टर सनोज और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ कर हादसे की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है।

हादसे में हुई थी 7 लोगों की मौत

बता दें कि रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे सत्य निकेतन में एक इमारत अचानक ढह गई थी। इस हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें 5 छात्र भी शामिल थे। वहीं, करीब एक दर्जन लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसे से पहले बेसमेंट में बारिश के पानी और कचरे की वजह से मरम्मत का काम चल रहा था। इसके साथ ही ग्राउंड फ्लोर पर कमर्शियल विस्तार का काम भी जारी था। आशंका जताई जा रही है कि निर्माण कार्य के दौरान एक पिलर कमजोर हुआ, जिसके बाद पूरी इमारत गिर गई।

मुख्यमंत्री ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

हादसे के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मौके का निरीक्षण किया था। उन्होंने मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए और बिल्डिंग मालिक के खिलाफ FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा MCD के पांच अधिकारियों को निलंबित किया गया है। सरकार ने अवैध निर्माण वाली पांच मंजिला इमारतों को सील करने और आसपास की खतरनाक इमारतों को हटाने के भी निर्देश दिए हैं।

Location :  New Delhi

Published :  8 September 2026, 9:14 PM IST

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