सत्य निकेतन हादसे के बाद मोबाइल जैमर की अफवाह, दिल्ली पुलिस ने बताया सच; ऐसे साफ हुई पूरी तस्वीर

दिल्ली के सत्य निकेतन पीजी हादसे के बाद सोशल मीडिया पर घटनास्थल पर मोबाइल जैमर लगाए जाने का दावा तेजी से वायरल हुआ। दिल्ली पुलिस ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि मौके पर मोबाइल नेटवर्क सामान्य रूप से काम कर रहा है। पुलिस, NDRF और दमकल कर्मी मोबाइल के जरिए लगातार आपस में संपर्क कर रहे थे।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 8 September 2026, 4:59 PM IST
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New Delhi: दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला पीजी इमारत गिरने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन के बीच एक और दावा सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने लगा। कहा गया कि हादसे वाली जगह पर प्रशासन ने मोबाइल जैमर लगा दिए हैं, जिससे मौके पर मोबाइल नेटवर्क काम नहीं कर रहा। इस दावे ने लोगों के बीच कई तरह के सवाल खड़े कर दिए। लेकिन अब दिल्ली पुलिस ने खुद सामने आकर इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

दिल्ली पुलिस ने साफ कहा है कि सत्य निकेतन में रेस्क्यू साइट पर मोबाइल नेटवर्क सामान्य रूप से काम कर रहा है। पुलिस के मुताबिक दिल्ली पुलिस, एनडीआरएफ और दमकल विभाग की टीमें मोबाइल कम्युनिकेशन के जरिए लगातार आपस में समन्वय कर रही थीं। इतना ही नहीं, घटनास्थल पर मौजूद मीडियाकर्मी और आम लोग भी मोबाइल नेटवर्क के जरिए लाइव ब्रॉडकास्ट कर रहे थे।

सोशल मीडिया पर तेजी से फैली जैमर की बात

सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की जानकारियां सामने आने लगी थीं। इसी दौरान यह दावा भी वायरल हुआ कि रेस्क्यू साइट के आसपास मोबाइल जैमर लगाए गए हैं। जैमर लगाए जाने की बात सामने आने के बाद लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई कि आखिर ऐसा क्यों किया गया और क्या इसकी वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन या लोगों के आपसी संपर्क पर असर पड़ रहा है।

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दिल्ली पुलिस ने एक्स पर किया दावे का खंडन

दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए मोबाइल जैमर से जुड़े दावे का खंडन किया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि घटनास्थल पर मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह से काम कर रहा है। पुलिस के मुताबिक रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी अलग-अलग एजेंसियां मोबाइल फोन के जरिए लगातार एक-दूसरे के संपर्क में थीं। यानी मौके पर संचार व्यवस्था में किसी तरह की बाधा नहीं थी।

NDRF और दमकल विभाग भी मोबाइल से कर रहे थे संपर्क

दिल्ली पुलिस ने अपने स्पष्टीकरण में एक अहम उदाहरण भी दिया। पुलिस के मुताबिक मौके पर दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ-साथ राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल यानी NDRF और अग्निशमन विभाग के कर्मचारी भी मोबाइल कम्युनिकेशन के जरिए आपस में समन्वय कर रहे थे। रेस्क्यू ऑपरेशन में कई एजेंसियां एक साथ काम करती हैं। ऐसे में उनके बीच लगातार संपर्क और तालमेल बेहद जरूरी होता है। पुलिस के अनुसार सत्य निकेतन में यह कम्युनिकेशन मोबाइल नेटवर्क के जरिए बिना किसी बाधा के चल रहा था।

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मीडिया की लाइव ब्रॉडकास्टिंग ने भी खोली पोल

दिल्ली पुलिस ने अपने दावे के समर्थन में घटनास्थल पर मौजूद मीडियाकर्मियों और आम लोगों का भी उदाहरण दिया। पुलिस के मुताबिक घटनास्थल से मीडियाकर्मी लगातार लाइव ब्रॉडकास्ट कर रहे थे। अगर मौके पर मोबाइल नेटवर्क को जैमर के जरिए बाधित किया गया होता, तो सामान्य मोबाइल आधारित लाइव स्ट्रीमिंग और कम्युनिकेशन में परेशानी आ सकती थी। लेकिन पुलिस का कहना है कि घटनास्थल पर ऐसा कोई नेटवर्क व्यवधान नहीं था।

रविवार को ढही थी पांच मंजिला पीजी इमारत

दरअसल, दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को लड़कों के पेइंग गेस्ट यानी PG के तौर पर इस्तेमाल की जा रही पांच मंजिला इमारत अचानक ढह गई थी। हादसा इतना गंभीर था कि मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका के बाद बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। घटना के बाद दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग और NDRF समेत कई एजेंसियां मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव कार्य के दौरान मलबे को हटाकर लोगों को बाहर निकालने का काम किया गया।

Location :  New Delhi

Published :  8 September 2026, 4:59 PM IST

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