आरक्षण, SC/ST एक्ट और सवर्ण आयोग का मुद्दा गरमाया! राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर दिल्ली तक हुंकार भरेगी सवर्ण आर्मी

मिर्जापुर से निकली चार मांगों की आवाज अब राष्ट्रपति तक पहुंचाने की तैयारी है। आरक्षण से लेकर SC/ST एक्ट और सवर्ण आयोग तक के मुद्दों पर संगठन ने सरकार के सामने सवाल रखे हैं, अब देखना होगा कि इन मांगों पर सिर्फ कार्रवाई का आश्वासन मिलता है या नीति स्तर पर भी कोई पहल होती है।

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 8 September 2026, 5:34 PM IST
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Mirzapur: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में सामान्य वर्ग से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर सवर्ण आर्मी ने अपनी आवाज उठाई है। संगठन के पदाधिकारियों ने प्रदेश सचिव मुकेश पाण्डेय के नेतृत्व में जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरक्षण व्यवस्था, SC/ST एक्ट, सवर्ण आयोग के गठन और UGC से संबंधित कुछ प्रावधानों की समीक्षा की मांग की गई है।

आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग

संगठन की पहली मांग आरक्षण व्यवस्था को जातिगत आधार के बजाय आर्थिक स्थिति के आधार पर लागू करने की है। पदाधिकारियों का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति चाहे किसी भी वर्ग से संबंधित हो, उसे शिक्षा और रोजगार में समान अवसर मिलना चाहिए। इसी आधार पर मौजूदा आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग उठाई गई है।

SC/ST एक्ट के कथित दुरुपयोग पर सवाल

ज्ञापन में SC/ST एक्ट को लेकर भी संगठन ने अपनी चिंता जाहिर की। सवर्ण आर्मी का कहना है कि कानून का उद्देश्य वंचित और कमजोर वर्गों को सुरक्षा देना है, लेकिन यदि किसी मामले में इसके प्रावधानों का गलत इस्तेमाल होता है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। संगठन ने ऐसे मामलों में आवश्यक कानूनी सुरक्षा और जांच प्रक्रिया को मजबूत करने की मांग की।

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सवर्ण आयोग के गठन की मांग

तीसरे बिंदु में सामान्य वर्ग की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति से जुड़े विषयों के अध्ययन के लिए अलग सवर्ण आयोग गठित करने की मांग की गई है। संगठन के अनुसार आयोग के माध्यम से सामान्य वर्ग की समस्याओं का अध्ययन कर उनके समाधान के लिए नीतिगत सुझाव तैयार किए जा सकते हैं।

UGC के प्रावधानों की समीक्षा की अपील

ज्ञापन के चौथे बिंदु में UGC से संबंधित कुछ प्रावधानों को लेकर आपत्ति जताई गई है। संगठन ने जिन प्रावधानों को अपने अनुसार भेदभावपूर्ण बताया है, उनकी समीक्षा करने अथवा आवश्यक होने पर उन्हें वापस लेने की मांग की। पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सभी विद्यार्थियों के लिए समान अवसर और निष्पक्षता सुनिश्चित होनी चाहिए।

किसी वर्ग के खिलाफ नहीं होने का दावा

ज्ञापन सौंपने के बाद संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि उनकी मांगों का उद्देश्य किसी दूसरे वर्ग के अधिकारों का विरोध करना नहीं है। उनका कहना है कि वे समान अवसर, निष्पक्ष व्यवस्था और न्याय के सिद्धांत को मजबूत करने की मांग कर रहे हैं। संगठन ने राष्ट्रपति से संबंधित विभागों को इन मुद्दों पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने की अपील की।

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अब दिल्ली तक पहुंचाने की तैयारी

ज्ञापन के जरिए स्थानीय स्तर पर उठाई गई इन मांगों को अब आगे राजधानी तक ले जाने की बात कही जा रही है। मिर्जापुर से सौंपा गया यह चार सूत्रीय ज्ञापन प्रशासनिक माध्यम से राष्ट्रपति तक पहुंचाने की प्रक्रिया का हिस्सा है। ऐसे में संगठन की अगली रणनीति और सरकार की ओर से इन मांगों पर होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी।

ज्ञापन की मोहर से आगे बढ़ेगी आवाज या फाइलों में रहेगी?

लोकतंत्र में अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए ज्ञापन देना लंबे समय से विरोध और संवाद का एक माध्यम रहा है। मिर्जापुर में सौंपे गए इस चार सूत्रीय ज्ञापन के साथ अब असली सवाल यह है कि इन मांगों पर आगे क्या कार्रवाई होती है। क्या मामला केवल सरकारी फाइलों में विचाराधीन रहेगा या संबंधित स्तर पर इस पर चर्चा भी होगी? फिलहाल सवर्ण आर्मी ने अपनी मांगें प्रशासन के सामने रख दी हैं और अब संगठन की नजर आगे होने वाली कार्रवाई पर है।

Location :  Mirzapur

Published :  8 September 2026, 5:34 PM IST

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