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लक्खी मेला हाथरस (Img: Dynamite News)
Hathras: हाथरस जिले की ऐतिहासिक और पौराणिक विरासत अब सोशल मीडिया के जरिए देश-दुनिया तक पहुंचाई जाएगी। हाथरस के इतिहास, संस्कृति और धार्मिक परंपराओं के साथ आगामी 115वें राजकीय लक्खी मेला श्री दाऊजी महाराज का भी व्यापक प्रचार किया जाएगा। इसको लेकर जिलाधिकारी अतुल वत्स ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के साथ बैठक की। बैठक में मेले और जिले की विरासत को डिजिटल माध्यम से लोगों तक पहुंचाने की रणनीति पर चर्चा हुई।
जिलाधिकारी अतुल वत्स ने कहा कि हाथरस की पहचान केवल वर्तमान समय तक सीमित नहीं है। जिले का गौरवशाली इतिहास, पौराणिक कथाएं, धार्मिक परंपराएं और सांस्कृतिक धरोहर इसकी अलग पहचान बनाती हैं। उन्होंने कहा कि हाथरस से जुड़ी कई ऐसी रोचक और कम चर्चित कहानियां हैं, जिनके बारे में बहुत से लोगों को जानकारी नहीं है। सोशल मीडिया के माध्यम से इन कहानियों को आसान और आकर्षक तरीके से लोगों तक पहुंचाया जा सकता है।
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बैठक में आगामी 115वें राजकीय लक्खी मेला श्री दाऊजी महाराज को लेकर भी चर्चा हुई। ब्रज क्षेत्र का प्रसिद्ध यह मेला हाथरस की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जिलाधिकारी ने कहा कि मेले की धार्मिक परंपराओं, ऐतिहासिक महत्व, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और खास आकर्षणों को सोशल मीडिया पर प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया जाना चाहिए। इससे दूसरे जिलों और राज्यों के लोगों को भी मेले के बारे में जानकारी मिलेगी और हाथरस की पहचान को व्यापक स्तर पर बढ़ावा मिलेगा।
जिलाधिकारी ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से अपील की कि वे हाथरस की ऐतिहासिक और पौराणिक विरासत पर तथ्यपरक वीडियो बनाएं। इसके साथ ही श्री दाऊजी महाराज मेले की विशेषताओं को भी रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि वीडियो और अन्य डिजिटल सामग्री में सही जानकारी का विशेष ध्यान रखा जाए। कंटेंट ऐसा हो जो लोगों को आकर्षित करने के साथ हाथरस की वास्तविक विरासत और संस्कृति से भी परिचित कराए।
जिला प्रशासन इस अभियान को बढ़ावा देने के लिए वीडियो और कंटेंट प्रतियोगिता आयोजित करेगा। इसमें हाथरस के इतिहास, पौराणिक कथाओं, सांस्कृतिक विरासत और श्री दाऊजी महाराज मेले से संबंधित वीडियो शामिल किए जाएंगे। प्रतियोगिता में बेहतर और रचनात्मक कंटेंट तैयार करने वाले प्रतिभागियों का चयन किया जाएगा। उत्कृष्ट कार्य करने वालों को जिला प्रशासन की ओर से प्रशस्ति-पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
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जिलाधिकारी ने बताया कि प्रतियोगिता में विशेष रूप से रचनात्मक, प्रभावशाली और अच्छी प्रस्तुति वाले कंटेंट को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रथम स्थान हासिल करने वाले प्रतिभागी को जिला प्रशासन की ओर से विशेष पुरस्कार दिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य युवाओं और सोशल मीडिया से जुड़े लोगों को हाथरस की विरासत से जोड़ना और उन्हें जिले के इतिहास को नए तरीके से प्रस्तुत करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व प्रशांत तिवारी ने आगामी 115वें श्री दाऊजी महाराज लक्खी मेले की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से मेले को भव्य, दिव्य और आकर्षक बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने मेले में होने वाले धार्मिक, सांस्कृतिक और मनोरंजन कार्यक्रमों की रूपरेखा के बारे में भी जानकारी दी। प्रशासन का प्रयास है कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और दर्शकों को बेहतर सुविधाएं मिलें।
जिला प्रशासन की इस पहल से हाथरस की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को डिजिटल मंच पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है। साथ ही दाऊजी महाराज मेले की भव्यता और परंपरा को भी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सकेगा।
Location : Hathras
Published : 8 September 2026, 6:32 PM IST