‘अब बॉर्डर पर परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा’! भारत-नेपाल सीमा पर पुलिस का नया 24/7 हाई-टेक संचार केंद्र तैयार

महराजगंज के सीमावर्ती जिले महराजगंज में पुलिस की संचार व्यवस्था को और तेज और प्रभावी बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में थाना कोल्हुई परिसर में अतिरिक्त ग्रिड यानी कंट्रोल रूम संचार केंद्र स्थापित किया जा रहा है।

Post Published By: Komal Chauhan
Updated : 8 September 2026, 5:34 PM IST
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Maharajganj: महराजगंज के सीमावर्ती जिले महराजगंज में पुलिस की संचार व्यवस्था को और तेज और प्रभावी बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में थाना कोल्हुई परिसर में अतिरिक्त ग्रिड यानी कंट्रोल रूम संचार केंद्र स्थापित किया जा रहा है। यह केंद्र 24 घंटे और सातों दिन काम करेगा। इसके शुरू होने से पुलिस टीमों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान पहले से अधिक तेजी से हो सकेगा।

फरेन्दा और नौतनवा सर्किल के थाने जुड़ेंगे

नए अतिरिक्त ग्रिड को फरेन्दा और नौतनवा सर्किल के क्षेत्राधिकारी कार्यालयों से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही दोनों सर्किल के संबंधित थानों, पुलिस चौकियों और फायर स्टेशन के आरटी सेट भी इस संचार नेटवर्क से जुड़े रहेंगे। इस व्यवस्था में फरेन्दा, पुरन्दरपुर, बृजमनगंज, कोल्हुई, नौतनवा, सोनौली, परसामलिक और बरगदवा थानों को शामिल किया जाएगा। इसके अलावा संबंधित पुलिस चौकियों और फायर स्टेशन भी नेटवर्क का हिस्सा होंगे। इससे अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात पुलिसकर्मियों के बीच सूचना पहुंचाना आसान होगा।

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सीमावर्ती क्षेत्र के लिए अहम पहल

महराजगंज की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए पुलिस की यह पहल काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जिले की सीमा एक तरफ नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़ी है, जबकि दूसरी ओर बिहार की अंतर्राज्यीय सीमा भी नजदीक है। सीमावर्ती इलाकों में कई बार ऐसी परिस्थितियां बनती हैं, जहां सूचना मिलने के तुरंत बाद पुलिस बल को सक्रिय करना जरूरी होता है। ऐसे में अतिरिक्त ग्रिड के माध्यम से किसी घटना या आपात स्थिति की सूचना संबंधित पुलिस अधिकारियों और फील्ड टीम तक तेजी से पहुंचाई जा सकेगी।

घटनास्थल पर जल्द पहुंचेंगी पुलिस टीमें

नए संचार केंद्र के शुरू होने से चोरी, सड़क दुर्घटना, विवाद, प्रदर्शन, आगजनी या कानून-व्यवस्था से जुड़ी किसी भी घटना की सूचना गश्ती दल तक जल्द पहुंच सकेगी। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीमों को घटनास्थल के लिए तत्काल रवाना किया जा सकेगा। इससे पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही किसी घटना के दौरान अलग-अलग स्थानों पर तैनात पुलिसकर्मियों के बीच बेहतर समन्वय भी बनाया जा सकेगा।

मुख्य रेडियो ग्रिड पर कम होगा दबाव

महराजगंज जिले में पुलिस का वायरलेस संचार मुख्य रूप से एक रेडियो ग्रिड के माध्यम से संचालित होता है। एक ही ग्रिड पर अधिक संचार होने की स्थिति में रेडियो ट्रैफिक बढ़ जाता है। इससे जरूरी सूचनाओं के आदान-प्रदान में परेशानी हो सकती है। अतिरिक्त ग्रिड शुरू होने से संचार व्यवस्था को अलग-अलग स्तर पर बांटने में मदद मिलेगी। इससे मुख्य रेडियो ग्रिड पर दबाव कम होगा और पुलिसकर्मियों के बीच वायरलेस संदेश अधिक स्पष्ट और तेजी से पहुंच सकेंगे।

आपात स्थिति में बेहतर होगा रिस्पॉन्स

पुलिस के अनुसार, अतिरिक्त ग्रिड आपातकालीन परिस्थितियों में काफी उपयोगी साबित होगा। सीमा क्षेत्र में किसी घटना, भीड़ नियंत्रण, कानून-व्यवस्था की स्थिति या किसी बड़े हादसे के दौरान पुलिस की विभिन्न टीमों के बीच तेजी से संपर्क किया जा सकेगा। इससे पुलिस अधिकारियों को मौके की स्थिति की जानकारी जल्दी मिलेगी और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त पुलिस बल भेजने में भी आसानी होगी।

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आधुनिक पुलिसिंग को मिलेगी मजबूती

महराजगंज पुलिस की इस पहल का उद्देश्य संचार व्यवस्था को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाना है। 24 घंटे संचालित होने वाला यह अतिरिक्त कंट्रोल रूम पुलिस टीमों के बीच बेहतर तालमेल बनाने में मदद करेगा। खासकर नेपाल सीमा से जुड़े संवेदनशील इलाकों में तेज सूचना तंत्र पुलिस के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। अतिरिक्त ग्रिड के शुरू होने के बाद सूचना प्रसारण में तेजी, बेहतर समन्वय और घटनाओं पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

Location :  Maharajganj

Published :  8 September 2026, 5:34 PM IST

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