बदायूं में 22 साल पुरानी कंपनी का ऐसा सच आया सामने, 200 करोड़ के खेल में फंसे मौर्या बंधु

बदायूं में हुए बड़े चिटफंड घोटाले में पुलिस ने अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड के मालिक शशिकांत मौर्या और सूर्यकांत मौर्या को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों भाइयों पर करीब 15 हजार निवेशकों के 200 से 300 करोड़ रुपये हड़पने का आरोप है।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 8 September 2026, 5:11 PM IST
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Budaun : जिले के सबसे बड़े चिटफंड घोटाले में फरार चल रहे अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड के मालिक दोनों सगे भाइयों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की पहचान शशिकांत मौर्या और सूर्यकांत मौर्या के रूप में हुई है। दोनों बरेली के सिंधुनगर/कटरा चांद खां के रहने वाले हैं।

 

पुलिस के अनुसार, दोनों भाइयों पर करीब 15 हजार निवेशकों के 200 से 300 करोड़ रुपये हड़पने का आरोप है। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे।

22 साल पुरानी कंपनी

जांच में सामने आया कि शशिकांत मौर्या ने करीब 22 साल पहले बदायूं शहर के शेखूपुर मार्ग स्थित जालंधरी सराय में अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड नाम से कंपनी शुरू की थी। कंपनी ने निवेश जुटाने के लिए 200 से ज्यादा एजेंट नियुक्त किए थे।

आरोप है कि आरडी और एफडी योजनाओं में पांच साल में पैसा दोगुना करने का लालच देकर लोगों से निवेश कराया गया। पिछले करीब 10 वर्षों में हजारों लोगों ने कंपनी में पैसा लगाया, जिनमें वकील, शिक्षक, पुलिसकर्मी, दुकानदार, फल-सब्जी विक्रेता और मजदूर भी शामिल हैं।

बार एसोसिएशन के मुताबिक, अकेले 300 से ज्यादा वकीलों के करीब 5 करोड़ रुपये से अधिक इस कंपनी में फंसे हुए हैं। बताया जा रहा है कि जब निवेशकों ने अपना पैसा वापस मांगना शुरू किया तो आरोपियों ने कार्यालय बंद कर दिया और बरेली स्थित अपनी कोठी बेचकर फरार हो गए। इसके बाद निवेशकों ने पुलिस से शिकायत की और मामले में कार्रवाई शुरू हुई।

हाईकोर्ट से भी नहीं मिली राहत

पीड़ितों के प्रदर्शन के बाद 1 जून 2025 को शहर कोतवाली में पहला मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद 6, 8 और 9 जून को तीन अन्य मुकदमे भी दर्ज हुए। मामले की जांच के लिए एसएसपी ने एसपी सिटी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए शशिकांत, सूर्यकांत और श्रीकांत मौर्या ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी, लेकिन करीब छह महीने की सुनवाई के बाद अदालत ने याचिका खारिज कर दी।

इसके बाद न्यायालय ने आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए और संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई। पुलिस ने दोनों भाइयों पर घोषित 25-25 हजार रुपये के इनाम को बढ़ाकर 50-50 हजार रुपये कर दिया था।

बरेली में दबिश देकर पुलिस ने किया गिरफ्तार

एसएसपी अंकिता शर्मा के निर्देश पर शहर कोतवाली पुलिस की टीम ने बरेली में दबिश देकर दोनों भाइयों को गिरफ्तार किया। पुलिस अब उन्हें बदायूं लाकर न्यायालय में पेश करने की तैयारी कर रही है।

पुलिस के अनुसार, कंपनी के 18 बैंक खातों को पहले ही फ्रीज किया जा चुका है, जिनमें 1.15 करोड़ रुपये से अधिक की रकम मिली है। इस मामले में पुलिस पहले ही कंपनी के सात एजेंटों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

पूछताछ में खुलेगा घोटाले का पूरा नेटवर्क

पुलिस के अफसर का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान घोटाले की पूरी चेन, निवेशकों की रकम और उसे कहां इस्तेमाल किया गया, इसकी जानकारी जुटाई जाएगी। वहीं, आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद निवेशकों में अब अपना पैसा वापस मिलने की उम्मीद जगी है।

Location :  Budaun

Published :  8 September 2026, 5:08 PM IST

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