हिंदी
मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह (Img: dynamite News)
Maharajganj: महराजगंज में प्रशासन ने काम में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर जिले के सभी 12 खंड विकास अधिकारियों (BDO) पर बड़ी कार्रवाई की है। मुख्य विकास अधिकारी महेन्द्र कुमार सिंह ने अगस्त 2026 का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने का आदेश जारी किया है। इस फैसले के बाद जिले के विकास खंडों में हड़कंप मचा हुआ है।
कार्रवाई की मुख्य वजह मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर फैमिली आईडी के काम में खराब प्रदर्शन और लगातार दिए जा रहे निर्देशों के बावजूद सुधार नहीं होना बताया गया है।
दरअसल, फैमिली आईडी के सृजन के मामले में जुलाई 2026 की सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग में महराजगंज को C ग्रेड मिला था। इस रैंकिंग में केवल फैमिली आईडी की संख्या ही नहीं, बल्कि प्रत्येक आईडी में दर्ज परिवार के सदस्यों की संख्या को भी अहम माना जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि फैमिली आईडी में परिवार के सभी पात्र सदस्यों का सही तरीके से विवरण दर्ज हो। इसी वजह से कम सदस्यों वाली आईडी को दुरुस्त करने पर जोर दिया जा रहा था।
जिले की रैंकिंग बेहतर करने के लिए अधिकारियों को लगातार निर्देश दिए गए। 14 अगस्त 2026 को हुई सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक में फैमिली आईडी का काम तेज करने को कहा गया था। इसके बाद 20 अगस्त को जिलाधिकारी की समीक्षा बैठक में भी चार सदस्यों से कम वाली फैमिली आईडी में परिवार के सदस्यों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए। प्रशासन को उम्मीद थी कि लगातार निगरानी के बाद काम में तेजी आएगी।
ये भी पढ़ें- “बस इतना था कसूर कि सड़क पर पेशाब करने से रोका था!” कानपुर में क्रूरता की हदें पार, कारोबारी की दर्दनाक मौत
लेकिन समीक्षा के बाद भी पोर्टल पर स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं हुआ।
प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चिंता चार सदस्यों से कम वाली फैमिली आईडी को लेकर है। पोर्टल पर ऐसी 50,110 फैमिली आईडी दर्ज हैं, लेकिन इनमें परिवार के सदस्यों की संख्या बढ़ाने को लेकर कोई अपेक्षित प्रगति नहीं हुई। यही आंकड़ा अब अधिकारियों की कार्रवाई की बड़ी वजह बन गया है। प्रशासन ने इसे केवल रैंकिंग का मामला नहीं माना, बल्कि बार-बार दिए गए निर्देशों के बावजूद काम आगे नहीं बढ़ने को गंभीरता से लिया।
मुख्य विकास अधिकारी महेन्द्र कुमार सिंह ने जिले के सभी 12 बीडीओ का अगस्त 2026 का वेतन अग्रिम आदेश तक बाधित कर दिया है। आदेश में कहा गया है कि सीडीओ और जिलाधिकारी की ओर से बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद फैमिली आईडी के काम में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई। वेतन रोकने के आदेश के बाद अब विकास खंड स्तर पर जिम्मेदारी तय होने के साथ काम में तेजी लाने का दबाव भी बढ़ गया है।
ये भी पढ़ें- रात में घर से निकला 24 साल का युवक, सुबह पेड़ पर लटका मिला शव; बंटवारे के विवाद ने ली जान?
प्रशासन का अगला फोकस 50,110 फैमिली आईडी में परिवार के सदस्यों का विवरण सुधारने पर है। साथ ही सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग को बेहतर करने की चुनौती भी अधिकारियों के सामने है।
Location : Maharajganj
Published : 8 September 2026, 2:53 PM IST