Satya Niketan Collapse: क्या बेसमेंट खुदाई बनी छात्रों की जिंदगियों का कातिल? हादसे में अब तक 6 शव बरामद

दिल्ली के सत्य निकेतन में 5 मंजिला पीजी इमारत ढहने से दर्दनाक हादसा हुआ। मलबे से 6 शव निकाले जा चुके हैं। संकरी गलियों के बीच एनडीआरएफ का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। बेसमेंट में चल रहे निर्माण कार्य और अवैध सुरक्षा अनदेखी पर उठे बड़े सवाल।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 7 September 2026, 8:30 AM IST
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New Delhi: दिल्ली का सत्य निकेतन इलाका, जो हजारों छात्रों के सपनों और उम्मीदों का ठिकाना माना जाता है, रविवार दोपहर अचानक चीख-पुकार और धूल के गुबार में सिमट गया। यहां स्थित एक 5 मंजिला इमारत, जिसका इस्तेमाल छात्रों के पेइंग गेस्ट (PG) के रूप में हो रहा था, अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गई।

सोमवार को मलबे से एक और शव बरामद होने के बाद इस भीषण त्रासदी में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना तेज था कि लगा जैसे कोई जोरदार भूकंप आया हो।

संकरी गलियों में जिंदगी बचाने की जंग

हादसे के तुरंत बाद एनडीआरएफ, दिल्ली अग्निशमन सेवा, पुलिस और नागरिक सुरक्षा की टीमों ने मोर्चा संभाला। हालांकि, इलाके की बेहद संकरी गलियों के कारण भारी राहत मशीनों को मौके तक पहुंचाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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इसके बावजूद राहत कर्मी लगातार मलबे में दबे संभावित लोगों की तलाश में जुटे हैं। अब तक कई घायलों को सुरक्षित निकालकर एम्स (AIIMS) ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

बेसमेंट की लापरवाही या नियमों की अनदेखी?

शुरुआती जांच में हादसे की मुख्य वजह इमारत के बेसमेंट में चल रहे अवैध या असुरक्षित निर्माण कार्य को माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नींव से छेड़छाड़ और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण पूरी इमारत कमजोर हो गई थी। इस एंगल से पुलिस ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है कि क्या बिना अनुमति के ढांचागत बदलाव किए जा रहे थे, जिसने मासूमों की जान जोखिम में डाल दी।

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सियासत गरमाई, सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

इस दर्दनाक हादसे के बाद दिल्ली की राजनीति में भी भूचाल आ गया है। विपक्षी नेताओं ने छात्र आवासों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर सरकार पर तीखे हमले बोले हैं, वहीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खुद घटनास्थल पर पहुंचकर राहत कार्यों का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। फिलहाल, प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास की इमारतों को भी खाली करा लिया है।

Location :  New Delhi

Published :  7 September 2026, 8:06 AM IST

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