दिल्ली के सत्य निकेतन बिल्डिंग कांड में मलबे के नीचे 50 छात्र फंसे! सीएम रेखा गुप्ता सामने खड़े होकर करवा रहीं रेस्क्यू

दिल्ली के सत्य निकेतन में बड़ा हादसा सामने आया है, जहां पांच मंजिला PG बिल्डिंग अचानक गिर गई। हादसे के बाद मलबे में छात्रों समेत कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस, दमकल और रेस्क्यू टीमें लगातार बचाव अभियान चला रही हैं।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 6 September 2026, 7:34 PM IST
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New Delhi: दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर जमीन पर गिर गई। देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग मलबे के ढेर में बदल गई और आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। हादसे के बाद आशंका जताई जा रही है कि मलबे के अंदर कई लोग दबे हो सकते हैं। चश्मदीदों के मुताबिक, बिल्डिंग में 40 से 50 लोग मौजूद हो सकते थे, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

सत्य निकेतन में गिर गई पांच मंजिला PG बिल्डिंग

जानकारी के मुताबिक, यह हादसा मोती बाग के पास सत्य निकेतन इलाके में शिव मंदिर के नजदीक हुआ। जिस इमारत के गिरने की घटना सामने आई है, उसके मालिक का नाम आनंद बंसल बताया जा रहा है। चश्मदीदों के अनुसार, हादसे का शिकार हुई बिल्डिंग का नाम ‘Hostel Daze’ था और इसमें लड़कों के लिए PG चलाया जा रहा था। सत्य निकेतन दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के बेहद करीब है। यहां बड़ी संख्या में छात्र किराये के मकान और PG में रहते हैं। इसी वजह से हादसे के बाद छात्रों के मलबे में फंसे होने की आशंका बढ़ गई है।

अचानक गिरी बिल्डिंग, चार लोगों का हुआ रेस्क्यू

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बिल्डिंग गिरने से पहले किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिला। कुछ ही सेकंड में पूरी इमारत धराशायी हो गई और चारों तरफ धूल का गुबार फैल गया। डर के कारण आसपास मौजूद लोग तुरंत सुरक्षित जगह की ओर भागने लगे। अब तक मलबे से चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। वहीं, बचाव टीमें लगातार मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश कर रही हैं।

दमकल, पुलिस और NDRF की टीमें मौके पर

फायर डिपार्टमेंट को दोपहर करीब 1:33 बजे हादसे की सूचना मिली। इसके बाद 12 दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंची। दिल्ली पुलिस, MCD, NDRF, DDMA और अन्य राहत-बचाव एजेंसियां लगातार ऑपरेशन चला रही हैं। मौके पर पहुंचे आरके पुरम विधायक अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि कुछ लोग मलबे के नीचे से फोन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई लोगों के अभी भी अंदर फंसे होने की आशंका है और बचाव अभियान तेजी से चलाया जा रहा है।

मलबे के नीचे से फोन कर मदद मांग रहे लोग

स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसे के बाद कुछ लोगों की आवाजें मलबे के अंदर से सुनाई दीं। कई लोग अपने मोबाइल फोन के जरिए परिवार और प्रशासन से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। स्थानीय लोग भी राहत टीमों के साथ मिलकर मलबा हटाने में मदद कर रहे हैं।

NSUI और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जताई चिंता

दिल्ली यूनिवर्सिटी के पास हुए इस हादसे को लेकर NSUI ने भी चिंता जताई है। संगठन का कहना है कि साउथ कैंपस के कुछ छात्रों के फंसे होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। NSUI ने प्रशासन से राहत-बचाव कार्य तेज करने और हादसे की जांच की मांग की है। वहीं, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हादसे पर चिंता जताते हुए कहा कि DDMA, NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, MCD, CATS और सिविल डिफेंस की टीमें मौके पर राहत कार्य में जुटी हैं। उन्होंने बताया कि आसपास की इमारतों को एहतियात के तौर पर खाली कराया गया है।

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, जांच के बाद साफ होगी तस्वीर

फिलहाल मौके पर राहत और बचाव अभियान जारी है। मलबा पूरी तरह हटने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि हादसे के वक्त इमारत के अंदर कितने लोग मौजूद थे और कितने लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों तक पहुंचना और उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित निकालना है।

Location :  New Delhi

Published :  6 September 2026, 7:34 PM IST

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