अब QR कोड स्कैन करते ही खुलेगा मालखाने का राज, सीतापुर में शुरू हुई नई डिजिटल व्यवस्था

सीतापुर के एक थाने में अब मुकदमाती माल की पहचान पुराने रिकॉर्ड के भरोसे नहीं, बल्कि एक खास क्यूआर कोड से होगी। रविवार को लखनऊ रेंज के पहले डिजिटल मालखाने की शुरुआत की गई।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 6 September 2026, 7:24 PM IST
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Sitapur: थानों के मालखाने में लंबे समय से जमा मुकदमाती माल की पहचान और उसके निस्तारण को अब आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। सीतापुर के कोतवाली देहात में रविवार को लखनऊ रेंज के पहले डिजिटल मालखाने की शुरुआत की गई। इसका शुभारंभ लखनऊ रेंज की आईजी किरण एस. ने किया।

इस नई व्यवस्था की खास बात यह है कि मालखाने में रखी हर वस्तु को एक विशेष क्यूआर कोड से जोड़ा गया है। अब किसी सामान की जानकारी हासिल करने के लिए पुराने रिकॉर्ड खंगालने की जरूरत कम होगी। क्यूआर कोड स्कैन करते ही संबंधित मुकदमे के माल का पूरा विवरण सामने आ सकेगा।

एक स्कैन में मिलेगी सामान की पूरी जानकारी

डिजिटल मालखाने की व्यवस्था से मुकदमाती माल की पहचान, उसका रिकॉर्ड तैयार करने और निस्तारण की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। आईजी किरण एस. ने बताया कि फिलहाल इस व्यवस्था को कोतवाली देहात में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है।

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अगर इसका प्रयोग सफल रहा तो आने वाले समय में इसे सीतापुर के दूसरे थानों में भी लागू किया जाएगा। इसके बाद लखनऊ रेंज के अन्य जिलों में भी इस व्यवस्था को विस्तार देने की योजना है।

अधिकारियों को दिए निर्देश

डिजिटल मालखाने का शुभारंभ करने के बाद आईजी ने कोतवाली के अलग-अलग पटलों का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां रखे अभिलेखों की भी पड़ताल की और पुलिस अधिकारियों से जरूरी जानकारी ली। इसके बाद अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक हुई। बैठक में महिला अपराधों पर तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। खास तौर पर गुमशुदा बालिकाओं की बरामदगी को प्राथमिकता देने और एक सप्ताह के भीतर ठोस परिणाम सामने लाने को कहा गया।

सक्रिय अपराधियों पर भी होगी सख्ती

आईजी ने सक्रिय अपराधियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही लंबे समय से लंबित मामलों का जल्द निस्तारण करने और पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने पर जोर दिया गया।

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इस दौरान एसपी अंकुर अग्रवाल, एएसपी आलोक सिंह, एएसपी दुर्गेश सिंह, सीओ सदर नेहा त्रिपाठी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। अब इस पायलट प्रोजेक्ट की सफलता पर नजर है। अगर व्यवस्था उम्मीद के मुताबिक काम करती है, तो आने वाले दिनों में दूसरे थानों के मालखाने भी इसी तरह डिजिटल होते नजर आ सकते हैं।

Location :  Sitapur

Published :  6 September 2026, 7:24 PM IST

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