NEET Paper Leak Foreign Social Media Accounts: 20 हजार संदिग्ध अकाउंट्स पर एजेंसियों की नजर, क्या था पूरा नेटवर्क?

NEET पेपर लीक विवाद के बीच 20 हजार से ज्यादा संदिग्ध विदेशी सोशल मीडिया अकाउंट्स जांच के घेरे में आ गए हैं। आखिर ये अकाउंट कौन चला रहा था, इनका मकसद क्या था और एजेंसियों को अब तक क्या-क्या सुराग मिले हैं? पूरी कहानी जानने के लिए पढ़िए पूरी खबर।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 25 July 2026, 12:35 PM IST
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New Delhi: NEET समेत प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विवादों के दौरान सोशल मीडिया की भूमिका पहले भी सवालों के घेरे में रही है। पिछले वर्षों में कई बड़े आंदोलनों के दौरान जांच एजेंसियों ने विदेशी सोशल मीडिया गतिविधियों और कथित दुष्प्रचार नेटवर्क की जांच की थी। अब NEET Paper Leak Foreign Social Media Accounts मामले में भी जांच एजेंसियों को ऐसे ही बड़े नेटवर्क के संकेत मिले हैं। शुरुआती जांच में पाकिस्तान और बांग्लादेश से संचालित 20 हजार से अधिक संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट्स की गतिविधियां जांच के दायरे में आई हैं।

विदेशी अकाउंट्स पर क्यों बढ़ा संदेह?

सूत्रों के अनुसार, देश में NEET पेपर लीक को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच बड़ी संख्या में ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट सक्रिय पाए गए, जिनके विदेशी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इन अकाउंट्स का इस्तेमाल आंदोलन को और तेज करने तथा देश में अस्थिरता का माहौल बनाने के उद्देश्य से किया जा सकता था।

हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

भारतीय छात्र बनकर कर रहे थे पोस्ट?

जांच एजेंसियों के मुताबिक, NEET Paper Leak Foreign Social Media Accounts से जुड़े कई अकाउंट अपनी असली पहचान छिपाकर खुद को भारतीय छात्र, अभिभावक, कोचिंग छात्र, जेन-जी युवा, सामाजिक कार्यकर्ता या आम नागरिक बताकर पोस्ट और वीडियो साझा कर रहे थे।

सूत्रों का कहना है कि इन पोस्टों में आंदोलन को तेज करने की अपील, केंद्र सरकार की आलोचना और राजनीतिक संदेश भी शामिल थे। कुछ वीडियो कथित तौर पर सेना की वर्दी पहनकर भी बनाए गए थे, जिनकी सत्यता की जांच की जा रही है।

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किन प्लेटफॉर्म पर फैला था नेटवर्क?

जांच में सामने आया है कि संदिग्ध गतिविधियां इंस्टाग्राम, एक्स (पूर्व में ट्विटर), फेसबुक, स्नैपचैट और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर देखी गईं। एजेंसियों ने इन प्लेटफॉर्म से तकनीकी जानकारी मांगी है और संदिग्ध अकाउंट्स को ब्लॉक कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

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डिजिटल फुटप्रिंट से लेकर फंडिंग तक की जांच

जांच एजेंसियां अब इन अकाउंट्स के आईपी एड्रेस, डिजिटल फुटप्रिंट, लॉगिन पैटर्न और संभावित फंडिंग स्रोतों की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इन अकाउंट्स के पीछे कौन लोग थे और उनका वास्तविक उद्देश्य क्या था।

Location :  New Delhi

Published :  25 July 2026, 12:35 PM IST

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