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प्रतीकात्मक छवि (Img- Pinterest)
New Delhi: डिजिटल इंडिया के दौर में जहां बैंकिंग और वित्तीय लेनदेन बेहद आसान हो गए हैं, वहीं साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। कभी OTP फ्रॉड तो कभी 'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर आम लोगों की जमा पूंजी चुरा ली जाती है।
ऐसे पीड़ितों के लिए राहत की एक बड़ी खबर आई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक ऐसा नया और बेहद आसान सिस्टम शुरू किया है, जिससे साइबर ठगी का शिकार हुए लोग अब घर बैठे ही अपनी फ्रीज हुई रकम की वापसी का दावा कर सकते हैं।
गृह मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाले 'इंडियन साइबरक्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर' (I4C) ने 'Mobile Restoration Module' यानी MRM नाम से एक नया सब-पोर्टल लॉन्च किया है। इसे 'नेशनल साइबरक्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल' (NCRP) से जोड़ा गया है।
इस पोर्टल को लाने का मुख्य उद्देश्य पीड़ितों को अपना ही पैसा वापस पाने के लिए बैंकों, पुलिस स्टेशनों और अदालतों के अनगिनत चक्कर काटने की परेशानी से बचाना है। हालांकि, इस सुविधा का लाभ वही लोग उठा सकते हैं जिन्होंने फ्रॉड होते ही तुरंत 1930 हेल्पलाइन या NCRP पर शिकायत दर्ज कराई थी और आरोपी के खाते में पैसा फ्रीज हो चुका है।
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MRM पोर्टल पर पैसे के आधार पर क्लेम को बेहद आसान तीन श्रेणियों में बांटा गया है:
1. 50,000 रुपये से कम की रकम: यदि आरोपी के खाते में फ्रीज हुई रकम 50 हजार रुपये से कम है, तो पीड़ित को किसी एफआईआर (FIR) या कोर्ट ऑर्डर की जरूरत नहीं पड़ेगी। केवल पुलिस शिकायत के आधार पर पैसा सीधे खाते में आ जाएगा।
2. कई खातों में बंटी रकम: यदि ठगी गई कुल रकम 50 हजार से ज्यादा है, लेकिन वह अलग-अलग खातों में बंटी हुई है और किसी भी एक खाते में 50 हजार से अधिक नहीं है, तब भी एफआईआर या कोर्ट की मंजूरी के बिना रिफंड प्रोसेस हो जाएगा।
3. 50,000 रुपये से अधिक की रकम: अगर किसी एक अकेले बैंक खाते में 50 हजार रुपये से ज्यादा की रकम फ्रीज हुई है, तब रिफंड क्लेम करने से पहले एफआईआर की कॉपी और कोर्ट ऑर्डर की डिजिटल कॉपी जमा करना अनिवार्य होगा।
तैयारी रखें: प्रक्रिया शुरू करने से पहले अपना बैंक खाता नंबर, IFSC कोड, पैन (PAN) कार्ड की डिजिटल कॉपी, 14 अंकों की NCRP शिकायत संख्या और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पास रखें।
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लॉगिन प्रक्रिया: MRM पोर्टल पर जाएं और 'Citizen Login' का विकल्प चुनें। इसके बाद NCRP शिकायत में दर्ज अपने मोबाइल नंबर पर आए OTP की मदद से लॉगिन करें।
क्लेम दाखिल करें: लॉगिन के बाद 'Raise Refund Request' विकल्प में जाकर अपना 14 अंकों का Complaint ID दर्ज करें।
दस्तावेज और विवरण दर्ज करें: स्क्रीन पर फ्रीज रकम दिखने के बाद पैन कार्ड अपलोड करें, बैंक खाता नंबर और IFSC भरें। जरूरत होने पर कोर्ट ऑर्डर अपलोड करें।
ट्रैकिंग ID प्राप्त करें: सभी नियमों को स्वीकार कर सबमिट करते ही आपको 'MR2026' से शुरू होने वाली एक यूनिक रिक्वेस्ट आईडी (Unique Request ID) मिल जाएगी, जिससे आप अपने रिफंड का स्टेटस ट्रैक कर सकेंगे।
Location : New Delhi
Published : 4 September 2026, 10:44 AM IST