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सुप्रीम कोर्ट (Source Internet)
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने तमिल फिल्म निर्माता और पूर्व डीएमके नेता जाफर सादिक को मिली जमानत के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की याचिकाओं को खारिज कर दिया है। ED ने मद्रास हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें जाफर सादिक को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत दी गई थी।
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने 2 सितंबर 2026 को इस मामले में फैसला सुनाया।
जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने कहा कि प्रथम दृष्टया (Prima Facie) मद्रास हाई कोर्ट के आदेश पर कुछ आपत्तियां हैं, लेकिन हाई कोर्ट का फैसला 21 अप्रैल 2025 को दिया गया था और इसे एक साल से ज्यादा समय बीत चुका है।
इसी वजह से सुप्रीम कोर्ट ने अब इस मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।
प्रवर्तन निदेशालय ने जाफर सादिक को मिली जमानत रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में दो विशेष अनुमति याचिकाएं (SLPs) दायर की थीं।
ED का आरोप है कि जाफर सादिक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शामिल था। लंबी कानूनी हिरासत के बाद मद्रास हाई कोर्ट ने उसे जमानत दी थी।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि याचिकाएं खारिज करने का यह फैसला किसी अन्य मामले में कानूनी मिसाल (Precedent) के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।
अदालत ने कहा कि यह निर्णय केवल मौजूदा मामले की परिस्थितियों को देखते हुए लिया गया है।
जाफर सादिक तमिल फिल्म निर्माता रह चुके हैं और वह पहले डीएमके से जुड़े नेता भी रहे हैं। उनका नाम अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सामने आया था, जिसकी जांच ED कर रही है।
Location : New Delhi
Published : 4 September 2026, 11:15 AM IST
Topics : ED Petition Dismissed India Legal News Jaffer Sadiq Case Madras High Court Bail Order Supreme Court News