IAS रिंकू सिंह राही को प्रशासन का कारण बताओ नोटिस, विवादित मामलों पर मांगा 15 दिन में जवाब

जालौन के न्यायिक एसडीएम और IAS अधिकारी रिंकू सिंह राही को शासन ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। डीएम की जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। रिंकू सिंह पर कई विवादों, अधिकारियों से व्यवहार और गोपनीय पत्र सोशल मीडिया पर साझा करने जैसे आरोप लगाए गए हैं। शासन ने 15 दिन में जवाब मांगा है।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 4 September 2026, 9:36 AM IST
google-preferred

जालौन: बिना काम के वेतन लेने को नियमों के खिलाफ बताते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) से इस्तीफा देने वाले अधिकारी और उरई सदर के न्यायिक एसडीएम रिंकू सिंह राही की मुश्किलें बढ़ गई हैं। विभिन्न विवादों की जांच के बाद जिलाधिकारी की ओर से भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर शासन ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

राज्यपाल के आदेश पर विशेष सचिव विजय कुमार ने 20 अगस्त को यह नोटिस जारी किया। शासन ने रिंकू सिंह राही से 15 दिन के भीतर जवाब मांगा है।

रिंकू सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा- "आखिरकार मिल ही गया प्रेम पत्र"

नोटिस जारी होने के बाद रिंकू सिंह राही ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, "आखिरकार मिल ही गया प्रेम पत्र।"

उन्होंने मुख्यमंत्री से 4 अगस्त को हुई मुलाकात और उसके अगले दिन शासन को भेजी गई रिपोर्ट का जिक्र करते हुए सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि यह केवल संयोग था या कुछ और। साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसे "इनाम" मिलने की अब आदत हो गई है।

जालौन में तैनाती के बाद शुरू हुए विवाद

रिंकू सिंह राही की तैनाती 5 मई को जालौन तहसील में एसडीएम के पद पर हुई थी। शिकायतों के बाद उन्हें 30 जून को सदर तहसील में न्यायिक एसडीएम पद पर स्थानांतरित कर दिया गया।

जांच के दौरान उनके खिलाफ कई मामलों का उल्लेख किया गया, जिसमें उरई नगरपालिका की जांच के दौरान बिना सूचना दिए पालिका कार्यालय पहुंचने और हंगामा करने का आरोप शामिल है।

कार्यालय और मीडिया के सामने हंगामे का आरोप

जांच रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि नवीन तहसील भवन में आवंटन नहीं होने के बावजूद वह कलेक्ट्रेट स्थित अपने कार्यालय का फर्नीचर लेकर वहां पहुंच गए और मीडिया को बुलाकर अपनी बात रखी।

इसके अलावा वकीलों द्वारा सही व्यवहार नहीं करने की शिकायत डीएम से करते हुए बहिष्कार करने का मामला भी जांच में शामिल किया गया।

इन मामलों की जांच एडीएम वित्त एवं राजस्व राजीव राज और एएसपी ईशांत सोनी को सौंपी गई थी।

ब्लॉक प्रमुख और अधिकारियों ने भी की थी शिकायत

24 जून को ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन ने शिकायत की थी कि कोल्ड स्टोरेज निरीक्षण के दौरान रिंकू सिंह ने उनके साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया और थप्पड़ मारने का प्रयास किया।

वहीं प्रभारी तहसीलदार तारा शुक्ला ने भी 15 जून को अमर्यादित व्यवहार करने की शिकायत दर्ज कराई थी।

तत्कालीन सदर एसडीएम ज्योति सिंह ने 2 जुलाई को शिकायत की थी कि दिव्यांग होने के बावजूद उनके साथ गलत भाषा का प्रयोग किया गया।

गोपनीय पत्र सोशल मीडिया पर साझा करने का भी आरोप

डीएम की ओर से 5 अगस्त को शासन को भेजी गई जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि रिंकू सिंह राही ने समय-समय पर उच्च अधिकारियों को लिखे गए गोपनीय पत्रों को सोशल मीडिया पर साझा किया, जो अखिल भारतीय सेवा नियमों का उल्लंघन माना गया।

अब शासन ने इन सभी आरोपों पर रिंकू सिंह राही से जवाब मांगा है। जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।

Location :  Jalaun

Published :  4 September 2026, 9:34 AM IST

Advertisement