नीम-हकीम के चक्कर में सर्पदंश पीड़ित की मौत, इलाज में देरी बनी काल

बदायूं के थाना कुबार क्षेत्र के गांव अहीररुईया निवासी 50 वर्षीय नेपाल पुत्र रोशन लाल की सर्पदंश से मौत हो गई। समय पर सही इलाज न मिलने और पहले नीम-हकीम के पास ले जाने...

Updated : 19 June 2026, 1:59 PM IST
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Budaun:  उत्तर प्रदेश के बदायूं के थाना कुबार क्षेत्र के गांव अहीररुईया निवासी 50 वर्षीय नेपाल पुत्र रोशन लाल की सर्पदंश से मौत हो गई। समय पर सही इलाज न मिलने और पहले नीम-हकीम के पास ले जाने से उनकी जान चली गई।

मिली जानकारी के अनुसार, अधेड़ मेंथा फैक्ट्री से काम कर घर लौट रहे थे। रास्ते में अनजाने में उनका पैर एक सर्प पर पड़ गया। सर्प ने बचाव में नेपाल के दूसरे पैर में डस लिया। घर पहुंचकर उन्होंने परिजनों को सर्प काटने की जानकारी दी।

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परिजन घबराहट में उन्हें पहले गांव के ही एक नीम-हकीम के पास ले गए। वहां कुछ दवा खिलाकर उन्हें वापस भेज दिया गया। हालत बिगड़ने पर परिजन नेपाल को जिला अस्पताल, बदायूं लेकर पहुंचे। जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

शादी नहीं हुई थी, परिवार में कोहराम
मृतक नेपाल अविवाहित थे और मेंथा फैक्ट्री में मजदूरी कर परिवार का सहारा बने हुए थे। उनकी मौत से घर में कोहराम मच गया। गांव में शोक की लहर है।

झाड़-फूंक पर भरोसा पड़ा भारी
ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी सर्पदंश के मामलों में झाड़-फूंक और नीम-हकीम पर भरोसा किया जाता है, जिससे हर साल कई जानें जाती हैं। स्वास्थ्य विभाग लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है कि सर्प काटने पर तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचें और एंटी-स्नेक वेनम लगवाएं। समय पर इलाज मिलने से जान बचाई जा सकती है।

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पुलिस कार्रवाई
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Location :  Budaun

Published :  19 June 2026, 1:59 PM IST

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