झारखंड में युवा आंदोलन की बड़ी जीत: गड़बड़ियों के बाद सोरेन सरकार ने रद्द कीं 44 परीक्षाएं, छात्रों में खुशी की लहर

छात्र आंदोलन के बीच झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए 44 भर्ती परीक्षाओं को रद्द कर दिया है। मंगलवार देर रात जारी आदेश के अनुसार, ये सभी परीक्षाएं गड़बड़ियों और अनियमितताओं के कारण निरस्त की गई हैं।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 19 August 2026, 8:39 AM IST
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Ranchi: झारखंड में युवाओं के लंबे और तीव्र आंदोलन के बाद राज्य की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में बड़ा फेरबदल हुआ है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए राज्य में आयोजित 44 प्रमुख भर्ती परीक्षाओं को एक झटके में रद्द करने का आदेश दिया है।

JSSC-CGL परीक्षा निरस्त करने की घोषणा के ठीक बाद देर रात जारी आठ अलग-अलग अधिसूचनाओं के तहत यह कार्रवाई की गई है। इस ऐतिहासिक निर्णय ने सालों से पारदर्शिता और निष्पक्षता की लड़ाई लड़ रहे लाखों छात्रों को बड़ी राहत दी है।

2014 से अब तक की धांधली पर चला चाबुक: दर्जनों विभाग प्रभावित

सरकार की इस कठोर कार्रवाई की गाज 2014 से अब तक JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) और आउटसोर्सिंग एजेंसी TSR डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) द्वारा आयोजित परीक्षाओं पर गिरी है। रद्द की गई भर्ती सूचियों में राज्य के कई महत्वपूर्ण और उच्च पद शामिल हैं।

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इनमें प्रमुख रूप से ड्रग इंस्पेक्टर, असिस्टेंट प्रोफेसर, डिप्टी कलेक्टर, डेंटल डॉक्टर, असिस्टेंट इंजीनियर, सिविल जज, एडिशनल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर और फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर जैसे जिम्मेदार पद शामिल हैं। इसके अलावा सरकारी पॉलीटेक्निक कॉलेजों के लेक्चरर, सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर, असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट तथा दर्जनों प्रशासनिक व तकनीकी पदों के लिए आयोजित परीक्षाएं भी पूरी तरह निरस्त कर दी गई हैं।

आउटसोर्सिंग एजेंसी ब्लैकलिस्ट: फास्ट ट्रैक कोर्ट से त्वरित न्याय की तैयारी

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई चार घंटे की मैराथन कैबिनेट बैठक के बाद अनियमितताओं में घिरी एजेंसी TDPL को ब्लैकलिस्ट करने का फरमान जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही, इस एजेंसी द्वारा 2014 के बाद जारी किए गए सभी परिणामों और प्रक्रियाओं को अमान्य घोषित कर दिया गया है।

सख्त कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने झारखंड हाईकोर्ट से अनुरोध करने का मन बनाया है ताकि JPSC और JSSC में हुई धांधली व भ्रष्टाचार के मामलों की तेजी से सुनवाई के लिए एक विशेष 'फास्ट-ट्रैक कोर्ट' का गठन किया जा सके।

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आंतरिक विजिलेंस सेल और वरिष्ठ IAS की अध्यक्षता में सुधार समिति

भविष्य में पेपर लीक और गड़बड़ियों को रोकने के लिए दोनों आयोगों में आंतरिक 'विजिलेंस सेल' की स्थापना की जाएगी। साथ ही, परीक्षा प्रणाली में क्रांतिकारी सुधार लाने के लिए वरिष्ठ IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अगुवाई में एक उच्च स्तरीय समिति बनाई गई है, जो आगामी दो महीनों में अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी।

Location :  Ranchi

Published :  19 August 2026, 8:28 AM IST

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