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झारखंड की सियासत गरमाई
Devghar: झारखंड में JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब लगातार राजनीतिक रंग लेता जा रहा है। राजधानी रांची में छात्र संगठनों का आंदोलन जारी है और अब 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेराव के ऐलान ने सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ताजा घटनाक्रम के बीच देवघर में भारतीय जनता पार्टी और भारतीय जनता युवा मोर्चा ने भी आंदोलन को लेकर सरकार पर हमला तेज कर दिया है।
रांची में चल रहे आंदोलन को लेकर सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, छात्रों का यह आंदोलन अब 23वें दिन में पहुंच चुका है। छात्र JSSC-CGL समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी, पारदर्शिता और जांच की मांग कर रहे हैं। 10 अगस्त को विधानसभा मार्च के दौरान बड़ी संख्या में छात्र जुटे थे और पुलिस के साथ टकराव की स्थिति भी बनी थी।
इस बीच सरकार की ओर से भी कुछ कदम उठाए गए हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा में 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने की घोषणा की है। इसके अलावा दो अन्य JPSC परीक्षाओं को भी रद्द करने और TDPL द्वारा कराई गई परीक्षाओं की जांच कराने की बात सामने आई है।
छात्र संगठनों ने सरकार को 20 अगस्त तक अपनी प्रमुख मांगों पर कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया है। मांगें पूरी नहीं होने पर मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च और घेराव का ऐलान किया गया है। छात्रों की प्रमुख मांगों में JSSC-CGL और JPSC से जुड़ी परीक्षाओं को लेकर कार्रवाई तथा कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच शामिल है।
इसी मुद्दे को लेकर BJP भी लगातार सरकार को घेर रही है। इससे पहले 23 जुलाई को BJP और युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने रांची में JPSC कार्यालय और कांग्रेस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था। उस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में BJP कार्यकर्ता शामिल हुए थे और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई थी।
इसी क्रम में देवघर में भारतीय जनता पार्टी और युवा मोर्चा की ओर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन किया गया। BJP नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आरोप लगाया कि राज्य के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।
BJP नेताओं का कहना है कि छात्र अपने भविष्य और रोजगार के लिए आंदोलन कर रहे हैं और पार्टी इस लड़ाई में उनके साथ खड़ी रहेगी। युवा मोर्चा की ओर से 20 अगस्त के छात्र आंदोलन में पूरी ताकत के साथ शामिल होने का आह्वान किया गया।
इधर स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम्’ के गायन को लेकर भी BJP और कांग्रेस के बीच नया विवाद खड़ा हो गया है। 15 अगस्त के कार्यक्रम के दौरान सामने आए वीडियो को लेकर BJP ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से गीत के दौरान ऐसे इशारे किए गए, जिन्हें BJP ने ‘वंदे मातरम्’ के प्रति आपत्तिजनक व्यवहार बताया।
हालांकि, कांग्रेस ने BJP के आरोपों को खारिज किया है और घटना की अलग व्याख्या दी है। इसलिए इस पूरे मामले को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के तौर पर ही देखा जा रहा है।
देवघर में BJP युवा मोर्चा ने इसी विवाद को भी अपने प्रदर्शन से जोड़ा और कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा। BJP कार्यकर्ताओं ने कहा कि एक तरफ देश का युवा रोजगार और निष्पक्ष परीक्षा की मांग को लेकर सड़कों पर है, वहीं दूसरी तरफ राष्ट्रीय गीत को लेकर विवाद खड़ा हो रहा है।
देवघर के प्रदर्शन के दौरान BJP जिला अध्यक्ष सचिन रवानी और युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष आशीष दुबे के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ आक्रामक तेवर दिखाए। नेताओं ने ऐलान किया कि 20 अगस्त के छात्र आंदोलन में BJP मजबूती से छात्रों के साथ खड़ी होगी।
BJP नेताओं ने दावा किया कि आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा और हेमंत सोरेन सरकार को सत्ता से हटाने के लिए पार्टी सड़क से लेकर राजनीतिक मंच तक संघर्ष करेगी।
अब बड़ा सवाल यही है कि 20 अगस्त का छात्र आंदोलन किस दिशा में जाता है और क्या JSSC-JPSC विवाद झारखंड की राजनीति में सरकार के खिलाफ बड़ा मुद्दा बन पाएगा? क्योंकि एक तरफ छात्र लगातार आंदोलनरत हैं, वहीं दूसरी तरफ BJP ने इस मुद्दे को राजनीतिक आंदोलन में बदलने के संकेत दे दिए हैं।
Location : Devghar
Published : 17 August 2026, 12:41 AM IST