इस बार रजाई-कंबल की जरूरत पड़ेगी या नहीं? अल-नीनो को लेकर सामने आया चौंकाने वाला अनुमान, वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी

गर्मी और बारिश के बाद अब लोगों को सर्दियों का इंतजार है, लेकिन इस बार ठंड का मौसम सामान्य से गर्म रह सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रशांत महासागर में अल-नीनो की स्थिति मजबूत हो रही है। इसका असर भारत के तापमान, सर्दी, मानसून और 2027 की गर्मी तक दिखाई दे सकता है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 18 August 2026, 6:42 PM IST
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New Delhi: गर्मी और उमस से राहत मिलने के बाद अब मौसम धीरे-धीरे सर्दियों की ओर बढ़ने वाला है। ऐसे में लोग ठंडी हवाओं, कोहरे और गिरते तापमान का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन इस बार मौसम का मिजाज कुछ अलग रह सकता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रशांत महासागर में अल-नीनो की स्थिति मजबूत हो रही है और अगर यह और ताकतवर हुआ तो 2026-27 की सर्दियां कई इलाकों में सामान्य से गर्म रह सकती हैं।

क्या है अल-नीनो और क्यों बढ़ी चिंता?

अल-नीनो प्रशांत महासागर से जुड़ी एक मौसमी स्थिति है। इसके दौरान प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्से का समुद्री पानी सामान्य से ज्यादा गर्म हो जाता है। समुद्र के तापमान में यह बदलाव दुनिया के अलग-अलग हिस्सों के मौसम को प्रभावित कर सकता है। मौसम एजेंसियों के अनुसार प्रशांत महासागर के इन हिस्सों में समुद्र का पानी सामान्य से 1 डिग्री सेल्सियस से अधिक गर्म हो गया है। अगर समुद्र का तापमान आगे भी बढ़ता है और अल-नीनो मजबूत होता है, तो इसका असर वैश्विक मौसम पर पड़ सकता है।

कितनी बढ़ सकती है सर्दियों में गर्मी?

अल-नीनो के कारण तापमान कितना बढ़ेगा, इसका कोई एक तय आंकड़ा नहीं बताया जा सकता। हर शहर और इलाके पर इसका असर अलग हो सकता है। इसके अलावा हवा की दिशा, पश्चिमी विक्षोभ, स्थानीय मौसम और अन्य मौसमी परिस्थितियां भी तापमान को प्रभावित करती हैं। उदाहरण के तौर पर अगर दिल्ली में किसी समय सामान्य तापमान करीब 10 डिग्री सेल्सियस रहता है और उस दौरान तापमान सामान्य से 2 डिग्री अधिक रहता है, तो यह करीब 12 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पूरी सर्दी में तापमान लगातार 2 डिग्री अधिक ही रहेगा।

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इन इलाकों में कम महसूस हो सकती है ठंड

अगर अल-नीनो की स्थिति मजबूत रहती है तो दिल्ली, पटना जैसे मैदानी इलाकों में सर्दियों के दौरान तापमान सामान्य से ऊपर रह सकता है। खासकर रात के तापमान में बढ़ोतरी का असर महसूस किया जा सकता है। आमतौर पर सर्दियों में रात का तापमान तेजी से नीचे जाता है। लेकिन अगर न्यूनतम तापमान सामान्य से ज्यादा रहता है तो लोगों को ठंड का एहसास कम हो सकता है। सुबह-शाम ठंड के बजाय हल्की गर्मी या सामान्य मौसम महसूस हो सकता है।

चूरू जैसे इलाकों में भी बदल सकता है तापमान

राजस्थान के चूरू जैसे इलाके सर्दियों में अपने बेहद कम तापमान के लिए जाने जाते हैं। यहां रात के समय तापमान काफी नीचे चला जाता है। ऐसे में अगर न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर रहता है तो कुछ रातें अपेक्षाकृत गर्म महसूस हो सकती हैं।

श्रीनगर और लद्दाख में क्या होगा?

श्रीनगर और लद्दाख जैसे बेहद ठंडे इलाकों में भी तापमान सामान्य से ऊपर रह सकता है। हालांकि, इन क्षेत्रों के लिए किसी एक निश्चित तापमान का अनुमान अभी लगाना मुश्किल है। खासकर लद्दाख में ऊंचाई, भौगोलिक स्थिति और अलग-अलग स्थानों के कारण तापमान में काफी अंतर रहता है।

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अक्टूबर से दिसंबर के बीच दिख सकता है ज्यादा असर

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अल-नीनो का प्रभाव 2026 के अक्टूबर से दिसंबर के बीच ज्यादा दिखाई दे सकता है। यही वह समय होगा जब सर्दियों की शुरुआत हो रही होगी और भारत के कई हिस्सों में तापमान का रुझान भी स्पष्ट होने लगेगा। अगर इस दौरान प्रशांत महासागर में समुद्र का तापमान सामान्य से ज्यादा बना रहता है और अल-नीनो मजबूत होता है, तो भारत के मौसम पर इसका असर बढ़ सकता है।

2027 की गर्मी पर भी पड़ सकता है असर

अल-नीनो की कहानी सिर्फ सर्दियों तक सीमित नहीं रह सकती। वैज्ञानिकों के मुताबिक इसका प्रभाव 2027 की गर्मियों तक भी देखने को मिल सकता है। मार्च से मई 2027 के बीच तापमान सामान्य से ज्यादा रहने की आशंका जताई जा रही है। अगर अल-नीनो मजबूत बना रहा तो भारत में मानसून पर भी असर पड़ सकता है। कमजोर मानसून की स्थिति में बारिश कम या असमान हो सकती है। इसका सीधा असर खेती और पानी की उपलब्धता पर पड़ सकता है।

Location :  New Delhi

Published :  18 August 2026, 6:42 PM IST

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