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मौसम का बड़ा पलटवार (Img-Pinterest)
New Delhi: मानसून भले ही अपना बोरिया-बिस्तर समेटकर विदाई की राह पर खड़ा हो, लेकिन इसकी आखिरी विदाई इतनी खामोश नहीं रहने वाली। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 1 अक्टूबर को देश भर में एक बड़े मौसमी बदलाव की चेतावनी जारी की है। विदाई से ठीक पहले चक्रवातीय तंत्र (Cyclonic Circulation) के एक्टिव होने से देश के 22 राज्यों में अचानक मौसम का मिजाज बिगड़ गया है। कहीं 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने वाली हैं, तो कहीं ओलावृष्टि और भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय एक साथ कई वेदर सिस्टम काम कर रहे हैं। पूर्वोत्तर असम और उससे सटे इलाकों में ऊपरी हवा का चक्रवाती घेरा बना हुआ है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी और मध्य हिस्से में भी एक मजबूत साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है। इस डबल वेदर सिस्टम के कारण पूर्वोत्तर भारत से लेकर मैदानी और तटीय इलाकों तक तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का नया दौर शुरू हो गया है।
देश की राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में 1 अक्टूबर को बादलों का डेरा रहेगा। यहाँ 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और मध्यम स्तर की बारिश होने का अनुमान है। इस बारिश से भले ही तापमान में गिरावट आएगी और अधिकतम तापमान 34°C तथा न्यूनतम 23°C के आसपास रहेगा, लेकिन दफ्तर और काम पर निकलने वाले लोगों को ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ सकता है।
उत्तर प्रदेश के मेरठ, आगरा, प्रयागराज, कानपुर और गोंडा समेत कई जिलों में 30 से 40 KM/H की रफ्तार से आंधी चलने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं। वहीं, बिहार के पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और पूर्णिया जैसे जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने किसानों को चेतावनी दी है कि वे खेतों में खड़ी फसलों की सुरक्षा और जल निकासी का तुरंत इंतजाम करें।
पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में स्थिति काफी संवेदनशील बनी हुई है। उत्तराखंड के देहरादून, चमोली, नैनीताल और हिमाचल के कांगड़ा, मंडी व लाहौल-स्पीति में भारी बारिश के साथ 40 KM/H की स्पीड से हवाएं चल सकती हैं। ऊंचाई वाले इलाकों में भूस्खलन (Landslide) और चट्टानें खिसकने का खतरा बढ़ गया है, जिससे वहां की यात्रा करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और मध्य प्रदेश में भी बिजली कड़कने और 35 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। बंगाल और असम के निचले इलाकों में पानी भरने की समस्या हो सकती है। कुल मिलाकर, मानसून अपनी विदाई से पहले पूरे देश को एक बार फिर से भीगाने और सावधान करने के मूड में दिख रहा है।
Location : New Delhi
Published : 1 October 2026, 7:37 AM IST