बड़ी खबर: रांची में JPSC घोटाले में CID का बड़ा एक्शन, आयोग की पूर्व सदस्य के PA बीएन राम गिरफ्तार

रांची में छात्रों के प्रदर्शन के बीच सीआईडी ने दिन भर की छापेमारी के बाद सोमवार शाम को बड़ एक्शन लिया और , JPSC की पूर्व सदस्य अजीता भट्टाचार्य के PA को गिरफ्तार कर लिया।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 17 August 2026, 8:14 PM IST
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Ranchi: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर चल रही कथित धांधली की जांच अब एक और बड़े पड़ाव पर पहुंच गई है। JPSC परीक्षा धांधली मामले में CID ने झारखंड लोक सेवा आयोग की पूर्व सदस्य अजिता भट्टाचार्य के PA बीएन राम को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि JPSC में इंटरव्यू मैनेज कराने के नाम पर करीब 40 लाख रुपये की रकम वसूली गई थी। बीएन राम की गिरफ्तारी को जांच एजेंसी की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।

40 लाख लेने का आरोप

CID की जांच में कथित तौर पर सामने आया है कि JPSC में इंटरव्यू मैनेज कराने के नाम पर पैसे की मांग और वसूली की गई। बीएन राम पर आरोप है कि उन्होंने इसी तरह के एक मामले में 40 लाख रुपये लिए थे। अब जांच एजेंसी इस रकम के लेनदेन से जुड़े सबूत जुटाने में लगी है। पैसे किससे लिए गए, किस माध्यम से लेनदेन हुआ और रकम आगे किन लोगों तक पहुंची, इन सभी सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।

अजिता भट्टाचार्य से भी हो चुकी है लंबी पूछताछ

बीएन राम की गिरफ्तारी से पहले CID पूर्व JPSC सदस्य अजिता भट्टाचार्य से भी पूछताछ कर चुकी है। जांच एजेंसी ने उन्हें समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया था। बताया गया कि उनसे काफी देर तक सवाल-जवाब किए गए। अजिता भट्टाचार्य JPSC की सदस्य रह चुकी हैं। वह झारखंड मुक्ति मोर्चा यानी JMM के केंद्रीय महासचिव और पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल सुप्रियो भट्टाचार्य की पत्नी हैं।

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राजनीतिक कनेक्शन के चलते भी मामला चर्चा में

अजिता भट्टाचार्य का नाम सामने आने के बाद यह मामला राजनीतिक तौर पर भी चर्चा में आ गया है। हालांकि किसी व्यक्ति का किसी राजनीतिक नेता से संबंध होना अपने आप में किसी अपराध का प्रमाण नहीं है। इस मामले में आरोपों की वास्तविकता जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल CID कथित परीक्षा धांधली से जुड़े दस्तावेजों, पैसों के लेनदेन और आरोपियों के बीच संपर्कों की जांच कर रही है। एजेंसी की कार्रवाई से यह संकेत मिल रहा है कि जांच अभी लंबी चल सकती है।

JSSC-CGL मामले में भी CID की छापेमारी

JPSC मामले के बीच झारखंड कर्मचारी चयन आयोग यानी JSSC-CGL परीक्षा को लेकर भी CID ने अपनी जांच तेज कर दी है। सोमवार 17 अगस्त को CID की टीम ने JSSC के कार्यालय में छापेमारी की। जांच टीम आयोग के सचिव सुधीर गुप्ता से पूछताछ कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, वर्ष 2024 में आयोजित JSSC-CGL परीक्षा के जरिए चयनित अभ्यर्थियों से जुड़े दस्तावेजों और परीक्षा रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।

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14 अगस्त को भी हुई थी बड़ी कार्रवाई

इससे पहले 14 अगस्त को CID ने JPSC की अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के मामले में झारखंड के कई स्थानों पर छापेमारी की थी। एजेंसी के मुताबिक, यह कार्रवाई केस नंबर 16/2026 में नामजद आरोपियों के खिलाफ की गई थी। इस दौरान सात आरोपियों को गिरफ्तार करने और उनके खिलाफ जारी वारंट की तामील के लिए कार्रवाई की गई। आरोपियों की पहचान आदित्य पांडे, पवन कुमार सिंह, रविशंकर कुमार, संतोष कुमार सिंह, सानंद प्रकाश, लालू कुमार यादव और सौरभ कुमार पांडे के रूप में बताई गई थी।

Location :  Ranchi

Published :  17 August 2026, 8:14 PM IST

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